बुलंदशहर में सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए बुलंदशहर जिले में 8695 किसानों की 2942 गाटा की लगभग 677 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। प्रशासनिक स्तर पर इसकी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं।
39 गांवों से होकर गुजरेगा
यह लिंक एक्सप्रेस-वे जिले की पांच तहसीलों के 39 गांवों से होकर गुजरेगा। इसका मुख्य उद्देश्य जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट और गंगा एक्सप्रेस-वे के बीच सीधा और सुगम मार्ग उपलब्ध कराना है। इससे यात्रा का समय कम होगा और पूरे क्षेत्र के औद्योगिक, व्यापारिक तथा परिवहन विकास को गति मिलेगी।
250 किसानों को मुआवजा राशि का भुगतान किया जाएगा
सूत्रों के अनुसार, भूमि अधिग्रहण के बाद करीब 250 किसानों को मुआवजा राशि का भुगतान किया जाएगा। शासन स्तर पर आवश्यक स्वीकृतियां मिलने के बाद अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है। लिंक एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई लगभग 18 किलोमीटर और चौड़ाई करीब 30 मीटर प्रस्तावित है। इसके निर्माण पर लगभग 220 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी
प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि किसानों को उनकी भूमि का उचित और समयबद्ध मुआवजा दिया जाएगा। इसके लिए विस्तृत सर्वेक्षण कर संबंधित गांवों और किसानों की सूची तैयार की जा रही है, ताकि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हो सके।
इस लिंक एक्सप्रेस-वे के निर्माण से बुलंदशहर, खुर्जा, सिकंदराबाद, शिकारपुर और स्याना क्षेत्र के गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से औद्योगिक निवेश बढ़ने, नए रोजगार सृजित होने और स्थानीय व्यापार को मजबूती मिलने की संभावना है। जेवर एयरपोर्ट तक आसान पहुंच से क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी।
स्थानीय लोगों और किसानों में इस परियोजना को लेकर सकारात्मक उम्मीदें हैं। उनका मानना है कि यह एक्सप्रेस-वे न केवल आवागमन को सुगम बनाएगा, बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास को भी नई दिशा देगा।