
नोएडा के सेक्टर-63 स्थित महागुन मायवुड्स प्रोजेक्ट में फ्लैट बुक कराने के 12 साल बाद भी कब्जा न मिलने पर जिला उपभोक्ता आयोग ने बिल्डर मैसर्स महागुन इंडिया को बड़ा झटका दिया है। आयोग ने बिल्डर को आदेश दिया है कि वह 60 दिन के भीतर पीड़ित को फ्लैट पर कब्जा दिलाए, साथ ही बकाया राशि का निपटारा करे। 2013 में बुक किया था फ्लैट, अब तक इंतजार गाजियाबाद के नंदा अपार्टमेंट निवासी अमिताभ कुमार सिंह ने वर्ष 2013 में महागुन मायवुड्स में फ्लैट बुक कराया था। उन्होंने बुकिंग के समय ₹3.74 लाख का भुगतान किया, जो कुल कीमत की 10% राशि थी। इसके बाद वर्ष 2022 तक उन्होंने लगभग ₹36.11 लाख जमा कर दिए, लेकिन इसके बावजूद उन्हें फ्लैट का कब्जा नहीं मिला।
बिल्डर पर ₹15 लाख का जुर्माना लगाया
वर्तमान में फ्लैट की बकाया राशि करीब ₹20 लाख है। रेरा ने लगाया था ₹15 लाख का जुर्माना फ्लैट का कब्जा न देने पर अगस्त 2023 में रेरा ने बिल्डर पर ₹15 लाख का जुर्माना लगाया, जिसे बिल्डर को भरना पड़ा। इस बीच बिल्डर ने अमिताभ के सामने एक ऐसा एग्रीमेंट रखा, जिसके अनुसार वह फ्लैट से संबंधित किसी भी कानूनी कार्रवाई का अधिकार खो बैठते। अमिताभ ने यह एग्रीमेंट अस्वीकार कर दिया और जमा राशि की वापसी की मांग की। जब बिल्डर ने राशि लौटाने से इनकार किया, तो उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया।
निपटारा कर कब्जा प्रक्रिया पूरी करनी होगी
एक पक्षीय सुनवाई में आया फैसला आयोग ने बिल्डर को कई बार नोटिस भेजे, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आया। आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर और सदस्य अंजू शर्मा ने एक पक्षीय सुनवाई करते हुए पीड़ित के पक्ष में फैसला सुनाया। आयोग ने कहा कि करीब ₹32 लाख जमा होने के बावजूद फ्लैट का कब्जा न देना सेवा शर्तों का उल्लंघन है। आदेश: 60 दिन में कब्जा दिलाएं आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि बिल्डर को 60 दिन के भीतर पीड़ित को फ्लैट पर कब्जा दिलाना होगा। साथ ही जो भी बकाया राशि है, उसका निपटारा कर कब्जा प्रक्रिया पूरी करनी होगी।