नई दिल्ली। अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ी मान्यता और एक्रीडिटेशन की गड़बड़ियों पर दिल्ली क्राइम ब्रांच ने जांच तेज कर दी है। शनिवार को क्राइम ब्रांच की इंटर-स्टेट सेल की टीम जामिया नगर स्थित अल-फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट के कार्यालय पहुंची, जहां कई घंटे तक दस्तावेजों की गहन छानबीन की गई। टीम कई महत्वपूर्ण फाइलें अपने साथ ले गई है।
सूत्रों के मुताबिक, अल-फलाह यूनिवर्सिटी के खिलाफ मिली दो अलग-अलग शिकायतों के आधार पर क्राइम ब्रांच ने दो एफआईआर दर्ज की हैं, जिनमें धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े की धाराएं शामिल हैं। आरोप है कि यूनिवर्सिटी ने यूजीसी एक्ट की धारा 12B के तहत मेडिकल कॉलेज चलाने की मान्यता होने का दावा किया, जबकि जांच में यह दावा पूरी तरह गलत पाया गया।
इसी तरह, यूनिवर्सिटी ने खुद को नेशनल एक्रीडिटेशन एकेडमिक काउंसिल (NAAC) से मान्यता प्राप्त बताकर प्रचार किया, जबकि उसकी एक्रीडिटेशन अवधि काफी पहले समाप्त हो चुकी थी और इसे रिन्यू भी नहीं कराया गया था। शिकायतों में यही दो मुख्य बिंदु सबसे बड़ी आपत्ति के रूप में सामने आए हैं।
यही कारण है कि क्राइम ब्रांच ने शनिवार को ट्रस्ट ऑफिस में पहुंचकर दस्तावेजों का मिलान किया, ताकि यूनिवर्सिटी के दावों और असल रिकॉर्ड के बीच अंतर स्पष्ट हो सके।
क्राइम ब्रांच सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट से जुड़े कई अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। फिलहाल जांच जारी है और पुलिस सभी मान्यता संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन कर रही है। जल्द ही आगे की कार्रवाई की संभावना है।