AC Blast: राजधानी दिल्ली में हाल के दिनों में एयर कंडीशनर (एसी) से जुड़े हादसों ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। शाहदरा के विवेक विहार में हाल ही में एक भीषण आग की घटना में कई लोगों की जान चली गई, जिसमें शुरुआती तौर पर एसीब्लास्ट या शॉर्ट सर्किट को कारण माना जा रहा है। इससे पहले गोकुलपुरी में भी एसी फटने से 4 साल के बच्चे की मौत हो चुकी है। इन घटनाओं ने आम लोगों के मन में डर और सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या हमारा एसी भी सुरक्षित है?
क्यों होता है ब्लास्ट
विशेषज्ञों का कहना है कि एसी का ब्लास्ट अचानक नहीं होता, बल्कि इसके पीछे लंबे समय से चल रही तकनीकी खामियां होती हैं। ओवरहीटिंग, शॉर्ट सर्किट, गैस लीक और खराब मेंटेनेंस जैसे कारण इस तरह के हादसों की मुख्य वजह बनते हैं। खासतौर पर जब एसी की आउटडोर यूनिट को सही वेंटिलेशन नहीं मिलता या उस पर धूल-मिट्टी जम जाती है, तो गर्मी बाहर नहीं निकल पाती और मशीन पर दबाव बढ़ता जाता है।
आग लगने का खतरा कई गुना बढ़ जाता
एसी एक हाई-वोल्टेज उपकरण है, ऐसे में खराब या लो-क्वालिटी वायरिंग बड़ा खतरा बन सकती है। अगर एक ही बिजली लाइन पर कई भारी उपकरण चलाए जाएं, तो वोल्टेज स्पाइक और ड्रॉप के कारण शॉर्ट सर्किट हो सकता है, जो आग या ब्लास्ट का कारण बनता है। इसके अलावा एसी में इस्तेमाल होने वाली गैस जैसे R-32 या R-410A अगर लीक होकर स्पार्क के संपर्क में आ जाए, तो आग लगने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
लोगों की 5 बड़ी गलतियां बन रही खतरे की वजह
अक्सर लोग एसी की समय पर सर्विसिंग नहीं कराते, जिससे अंदर गंदगी जमा होकर मशीन की कार्यक्षमता पर असर डालती है। दूसरी बड़ी गलती है घटिया या पुरानी वायरिंग का इस्तेमाल। तीसरी, एसी को घंटों लगातार चलाना, जिससे मशीन ओवरहीट हो जाती है। चौथी गलती आउटडोर यूनिट को गलत जगह लगाना—सीधी धूप या बंद जगह में। पांचवीं और सबसे खतरनाक गलती है गैस लीक जैसी समस्याओं को नजरअंदाज करना।
छोटी-सी गलती भी बड़े हादसे में बदल सकती
विशेषज्ञ मानते हैं कि इन घटनाओं के पीछे ओवरलोडिंग, पुरानी वायरिंग, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और फायर एनओसी की कमी जैसे कारण प्रमुख हैं। दिल्ली पुलिस और फायर विभाग लगातार लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे बिजली उपकरणों का इस्तेमाल सावधानी से करें और किसी भी तरह की लापरवाही से बचें। क्योंकि छोटी-सी गलती भी बड़े हादसे में बदल सकती है।
इन सावधानियों से टल सकते हैं बड़े हादसे
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि एसी के लिए अलग पावर लाइन और सही एमसीबी या स्टेबलाइजर का इस्तेमाल करें। समय-समय पर सर्विसिंग और फिल्टर की सफाई कराना जरूरी है। आउटडोर यूनिट को खुली और हवादार जगह पर लगाएं। अगर एसी से कोई अजीब आवाज, बदबू या कूलिंग में कमी महसूस हो, तो तुरंत इस्तेमाल बंद कर तकनीशियन को दिखाएं। साथ ही एसी को बीच-बीच में बंद कर चलाना और बहुत कम तापमान पर लंबे समय तक इस्तेमाल न करना भी सुरक्षित रहता है।
दिल्ली में आग के बढ़ते मामले चिंता का विषय
दिल्ली में गर्मियों के दौरान आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। रोहिणी, पालम और अन्य इलाकों में हाल के महीनों में कई जानलेवा हादसे हो चुके हैं। इससे पहले भी राजधानी कई बड़ी त्रासदियों की गवाह रही है—2019 में अनाज मंडी फैक्ट्री आग में 43 लोगों की मौत, 1997 के उपहार सिनेमा कांड में 59 लोगों की जान गई, 2022 में मुंडका फैक्ट्री आग में 27 से अधिक लोगों की मौत और 2018 में बवाना फैक्ट्री हादसे में 17 लोगों की जान चली गई थी।