Cough syrup: केंद्र सरकार ने देशभर में कफ सिरप की अनियंत्रित बिक्री पर रोक लगाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के कोई भी मेडिकल स्टोर कफ सिरप नहीं बेच सकेगा। यह निर्णय औषध परामर्श समिति की 67वीं बैठक में लिया गया, जिसमें कफ सिरप को ओवर द काउंटर मिलने वाली दवाओं की सूची से हटा दिया गया। हाल के दिनों में मध्य प्रदेश और कई राज्यों में कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत के मामलों ने सरकार को गंभीरता से कदम उठाने पर मजबूर किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की छवि इन घटनाओं के बाद प्रभावित हुई, जिसके बाद केंद्र ने कड़ी कार्रवाई का रास्ता चुना।
क्यों उठाया गया यह कदम
देश और विदेश में कफ सिरप से जुड़ी मौतों की बढ़ती घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी थी। कई बच्चों की जान मिलावटी सिरप के कारण गई और उज्बेकिस्तान, इंडोनेशिया, गाम्बिया जैसे देशों में भी भारतीय कफ सिरप पर सवाल उठे। WHO ने भी भारत में बने कुछ सिरप में खामियां उजागर की थीं। सरकार का कहना है कि लोग बिना जरूरत एंटीबायोटिक्स और कफ सिरप का इस्तेमाल कर लेते हैं, जिससे दवाओं पर असर कम हो जाता है और शरीर में बैक्टीरिया का प्रतिरोध बढ़ जाता है। इसलिए अब दवा केवल डॉक्टर की सलाह पर ही मिलेगी ताकि गलत उपयोग रोका जा सके।
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दवा की गलत बिक्री पर सख्ती
ओवर द काउंटर दवाओं के uncontrolled उपयोग से नशे की लत, दवा का दुरुपयोग और गंभीर स्वास्थ्य जोखिम बढ़ रहे थे। सरकार के नए फैसले से मेडिकल स्टोर्स पर निगरानी बढ़ेगी और अनियमित बिक्री पर रोक लगेगी। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में 24 बच्चों की मौत और देशभर में दर्ज कई मामलों ने सरकार को सतर्क किया। अब प्रिस्क्रिप्शन-आधारित बिक्री से जिम्मेदारी तय होगी और कफ सिरप की गुणवत्ता और निगरानी पर भी सख्ती बढ़ेगी।