ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बातचीत का संकेत दिया है, लेकिन अमेरिकी रुख पर अभी भी सस्पेंस बरकरार है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरघची ने कहा है कि उनका देश युद्ध और बातचीत दोनों के लिए तैयार है, लेकिन वह किसी भी दबाव या धमकी को स्वीकार नहीं करेगा। ट्रंप ने कहा है कि ईरान "गंभीरता से बातचीत कर रहा है" और वह एक समझौते पर पहुंचने की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि अगर बातचीत विफल होती है, तो "खराब चीजें होंगी"।
किसी भी हद तक जाने को तैयार
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने कहा है कि अगर अमेरिका ईरान पर हमला करता है, तो यह एक क्षेत्रीय युद्ध में बदल जाएगा। उन्होंने यह भी कहा है कि ईरान अपनी रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।
शांति वार्ता की संभावना जताई
ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत का परिणाम अभी भी अनिश्चित है, लेकिन दोनों पक्षों ने शांति वार्ता की संभावना जताई है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका के साथ बातचीत शुरू करने के निर्देश दिए हैं, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें समझौते की उम्मीद है।
ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करे
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने के लिए तुर्की में एक बैठक होने की संभावना है, जिसमें अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची शामिल होंगे। ईरान की शर्तें हैं कि अमेरिका को उन पर लगे प्रतिबंध हटाने होंगे, जबकि अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करे।
कोई समझौता नहीं करना चाहता
ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने के लिए तैयार है, लेकिन इसके बदले में अमेरिका से आर्थिक प्रतिबंध हटाने की मांग कर रहा है। ईरान अपने बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर कोई समझौता नहीं करना चाहता है। ईरान अपने क्षेत्रीय प्रभाव को कम करने के लिए तैयार नहीं है। अमेरिका ईरान से मानवाधिकारों के मुद्दे पर सुधार की मांग कर रहा है, लेकिन ईरान इसे अपने आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप मानता है।