मध्यप्रदेश के सागर जिले के 20 वर्षीय उत्कर्ष सेन ने कमाल कर दिया है। उन्होंने ऐसा रोबोट तैयार किया है जो अब खेतों में किसानों से उनकी भाषा ‘बुंदेलखंडी’ में संवाद करेगा। यह देश का पहला ऐसा रोबोट है जो न सिर्फ हिंदी और अंग्रेजी, बल्कि स्थानीय बोली में भी बात करता है। बुवाई से लेकर सिंचाई और छिड़काव तक का काम ऑटोमेटिक करेगा। इस रोबोट की मदद से किसान अब मौसम, मिट्टी और फसल की स्थिति की जानकारी भी सरल भाषा में पा सकेंगे। इसे सौर ऊर्जा से चलने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
बुंदेलखंडी में बोलेगा रोबोट, खेतों में करेगा निगरानी
तकनीक अब खेतों में किसान की भाषा में उतर चुकी है। सागर जिले के उत्कर्ष सेन ने ऐसा रोबोट तैयार किया है जो किसानों से संवाद करता है — वह भी बुंदेलखंडी में। इसे देश का पहला Bundelkhandi Robot कहा जा रहा है, जो बुवाई, निंदाई, सिंचाई और छिड़काव जैसे कार्यों को ऑटोमेटिक तरीके से अंजाम देता है।
सौर ऊर्जा से चलता है रोबोट
इस रोबोट की सबसे खास बात है कि यह पूरी तरह सौर ऊर्जा से चलता है। किसानों को बिजली या डीजल की चिंता नहीं करनी होगी। यह मिट्टी की नमी, तापमान और फसल की स्थिति को पहचान सकता है और उसी आधार पर सलाह भी दे सकता है।
औसत छात्र, लेकिन तकनीकी प्रतिभा कमाल की
उत्कर्ष सेन स्कूल में एक औसत छात्र रहे हैं, लेकिन तकनीकी समझ में उनकी गहरी पकड़ है। उन्होंने इंटरनेट और ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म्स से सीखकर कबाड़ से पहला ड्रोन और मिनी रोबोट तैयार किया था। अब वे बेंगलुरु की एक टेक कंपनी के साथ मिलकर यह कृषि रोबोट लेकर आए हैं, जिसे किसानों की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है।
किसानों को मिलेगी बड़ी मदद
यह रोबोट फसलों की सुरक्षा, उत्पादन और देखरेख में मदद करेगा। स्थानीय भाषा में संवाद के चलते ग्रामीण किसान भी इसे आसानी से समझ सकेंगे। मौसम और मिट्टी से जुड़ी जानकारी पहले से मिल जाने पर किसान समय पर निर्णय ले सकेंगे।
उत्कर्ष को ‘रोबोटिक स्टार ऑफ एमपी’ का खिताब
इस आविष्कार के लिए उत्कर्ष सेन को ‘Robotic Star of MP’ का खिताब भी मिल चुका है। अब वे अपने रोबोट को और अपग्रेड करने की दिशा में काम कर रहे हैं ताकि यह ड्रोन टेक्नोलॉजी और सटीक कृषि डेटा के साथ भी काम कर सके।