लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ अत्यधिक बल प्रयोग किया गया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि छात्रों पर पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ, उन्हें कील लगे डंडों और शॉक बैटन से पीटा गया तथा महिलाओं के साथ भी मारपीट की गई। उन्होंने पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र और उच्च-स्तरीय जांच कराने की मांग की।
छात्रों के साथ बर्बरता का लगाया आरोप
राहुल गांधी ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ सड़कों पर अमानवीय व्यवहार किया गया। उनके अनुसार, कई छात्रों को गंभीर चोटें आईं और कुछ को पैलेट गन के छर्रे भी लगे। उन्होंने दावा किया कि एक घायल छात्र की आंख में छर्रे लगने से उसकी दृष्टि प्रभावित हुई है। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों को डराने के लिए उनके खिलाफ फेशियल रिकग्निशन तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
कांग्रेस नेता ने कहा कि जिन छात्रों के साथ मारपीट हुई है, उन्हें न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक स्वतंत्र और अधिकार-संपन्न समिति से कराई जाए। राहुल गांधी ने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो बल प्रयोग करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
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माफी मांगने से किया इनकार
राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें संसद में इस मुद्दे को उठाने का अवसर नहीं मिला। उन्होंने दावा किया कि उनसे माफी मांगने की बात कही गई, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया। उनके अनुसार, वह अपने विचार रखने के लिए किसी भी राजनीतिक दल या संगठन से माफी नहीं मांगेंगे और छात्रों से जुड़े मुद्दे को लगातार उठाते रहेंगे।
लोकसभा में भी उठाया था मुद्दा
प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले राहुल गांधी ने लोकसभा में भी छात्रों पर हुई कार्रवाई का मुद्दा उठाया था। उन्होंने गृह मंत्री की अनुपस्थिति पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि इस मामले पर सरकार को जवाब देना चाहिए। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान हुई कार्रवाई में दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) शामिल थीं, जो गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करती हैं।