Munir system bans: पाकिस्तान में सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की पकड़ लगातार मजबूत होती दिखाई दे रही है। हालात ऐसे बन चुके हैं कि अदालत के आदेश भी जेल प्रशासन को प्रभावित नहीं कर पा रहे। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी शुक्रवार को कोर्ट का लिखित आदेश लेकर आडियाला जेल पहुंचे, लेकिन इमरान खान से मिलने की इजाजत नहीं दी गई। पुलिस ने स्पष्ट कहा कि आदेश के बावजूद मुलाकात संभव नहीं है। जेल के बाहर मीडिया से बात करते हुए अफरीदी ने इसे लोकतांत्रिक ढांचे पर सीधा प्रहार बताते हुए कहा कि एक निर्वाचित मुख्यमंत्री को अपनी ही पार्टी के संस्थापक नेता से मिलने से रोकना बेहद शर्मनाक है।
विरोध पर भी कार्रवाई
अफरीदी ने आरोप लगाया कि सरकार और सत्ता के वास्तविक केंद्र इमरान खान तक किसी को पहुंचने ही नहीं देना चाहते। उन्होंने यह भी बताया कि इमरान खान की बहनों और पीटीआई समर्थकों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन को भी जबरन हटाया गया। प्रदर्शनकारियों पर पानी की तेज बौछारों का इस्तेमाल किया गया, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। अफरीदी ने सवाल उठाया कि क्या खैबर पख्तूनख्वा की जनता को पाकिस्तान का हिस्सा नहीं समझा जा रहा, क्योंकि उनके चुने हुए मुख्यमंत्री के साथ इस तरह का बर्ताव किया गया।
यह भी देखेंःगोवा अग्निकांड के बाद भुवनेश्वर के नाइट क्लब में लगी भीषण आग, इलाके में मचा हड़कंप
पीटीआई की चेतावनी
मुख्यमंत्री अफरीदी ने गुस्से में कहा कि जब पीटीआई केंद्र में सत्ता में लौटेगी, तब मौजूदा संघीय और पंजाब सरकार को इस रवैये का हिसाब देना होगा। उनका कहना था कि तीन वर्षों से इमरान खान को राजनीति से बाहर करने की कोशिशें चल रही हैं, लेकिन हर प्रयास नाकाम हुआ है। अफरीदी ने दोहराया कि बातचीत के लिए इमरान खान ने महमूद खान अचकजई और अल्लामा राजा नासिर अब्बास को अपना प्रतिनिधि नियुक्त किया है, और सत्ता प्रतिष्ठान को उन्हीं से संवाद करना चाहिए। अफरीदी का मानना है कि हर तरह के दमन के बावजूद इमरान खान की लोकप्रियता और राजनीतिक प्रभाव कम नहीं हुआ है।