नाबालिग किशोरी को जबरन कमरे में खींच कर दुष्कर्म का प्रयास करने वाले अभियुक्त को अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (पोक्सो एक्ट) ज्ञानेन्द्र सिंह यादव ने तीन वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। विशेष लोक अभियोजक हरेंद्र त्यागी ने बताया कि हापुड़ कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी पीड़िता ने कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें बताया था कि वह किराए के मकान पर रहती है।
पीड़िता और उसकी पुत्री को जान से मारने की धमकी
20 नवंबर 2020 की शाम को उसकी लड़की को उसके पड़ोस के कमरे में किराए पर रहने वाले शौकीन मुंह बंद करके अपने कमरे में ले गया और उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की गई। पुत्री ने चिल्लाने की कोशिश की तो आरोपी शौकीन ने उसका गला दबाने का प्रयास किया। पुत्री के चिल्लाने पर वह, उसकी बड़ी पुत्री मौके पर पहुंचे और पुत्री को शौकीन के हाथो से छुडाया । इसी बीच शौकीन की पत्नी भी वहां पहुंच गई। इस घटना को लेकर पीड़िता की पुत्री डर गई। आरोपी शौकीन के मिलने वाले व आरोपी ने पीड़िता और उसकी पुत्री को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस ने अारोपी शौकीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने साक्ष्य संकलन की कार्यवाही करते हुए आरोपी शौकीन के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुनाया
विशेष लोक अभियोजक हरेंद्र त्यागी ने बताया कि इस मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (पोक्सो एक्ट) ज्ञानेन्द्र सिंह यादव की अदालत में चली। बुधवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुनाया। न्यायाधीश ने अभियुक्त शौकीन को धारा 506 भा.दं.सं के अन्तर्गत 2 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सं दंडित किया है। अभियुक्त शौकीन को धारा 7/8 के अन्तर्गत तीन वर्ष के सश्रम कारावास एवं पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।