लखनऊ। भदोही की राजनीति में लंबे समय तक प्रभाव रखने वाले पूर्व विधायक विजय मिश्रा और उनके परिवार की कानूनी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। शुक्रवार को सांसद-विधायक न्यायालय ने संपत्ति कब्जाने और दबाव बनाकर नियंत्रण हासिल करने के मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए विजय मिश्रा, उनकी पत्नी रामलली और बेटे विष्णु मिश्रा को 10-10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। वहीं बहू रूपा मिश्रा को चार वर्ष की सजा दी गई है।
यह मामला विजय मिश्रा के रिश्तेदार कृष्णमोहन तिवारी की शिकायत पर दर्ज हुआ था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि पूर्व विधायक ने वर्ष 2001 से भदोही स्थित पैतृक मकान पर अवैध कब्जा कर रखा था। साथ ही उनकी खनन फर्म पर भी जबरन नियंत्रण स्थापित कर लिया गया। गोपीगंज थाने में दर्ज प्राथमिकी के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और वर्ष 2023 में आरोपपत्र दाखिल किया। जांच के दौरान बहू रूपा मिश्रा का नाम भी मामले में जोड़ा गया।
सुनवाई के दौरान अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद चारों को दोषी माना। गुरुवार को फैसला सुरक्षित रखा गया था, जिसे शुक्रवार को सुनाया गया। खास बात यह है कि विजय मिश्रा की पत्नी और बहू को पहली बार किसी मामले में सजा हुई है।
इससे पहले भी विजय मिश्रा को एक अन्य मामले में आजीवन कारावास की सजा मिल चुकी है। लगातार आ रहे फैसलों से पूर्व विधायक परिवार की कानूनी और राजनीतिक चुनौतियां और बढ़ गई हैं।