COVID-19 का खतरा एक बार फिर दुनिया के सामने खड़ा होता नजर आ रहा है। ‘सिकाडा’ नाम का नया वैरिएंट BA.3.2 तेजी से कई देशों में फैल रहा है, खासकर United States में इसके मामलों ने स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह वेरिएंट पहले के मुकाबले ज्यादा बदला हुआ और चालाक हो सकता है, जिससे सतर्कता बेहद जरूरी हो गई है।
‘सिकाडा’ वैरिएंट क्या है और क्यों खास है
वैज्ञानिकों के अनुसार BA.3.2, ओमिक्रॉन परिवार का ही एक नया रूप है, लेकिन इसमें असामान्य रूप से ज्यादा बदलाव देखे गए हैं। खासतौर पर इसके स्पाइक प्रोटीन में कई म्यूटेशन इसे अधिक खतरनाक बना सकते हैं। यही प्रोटीन शरीर की कोशिकाओं में प्रवेश करने में मदद करता है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
23 देशों में फैलाव, अमेरिका सबसे ज्यादा प्रभावित
यह नया वैरिएंट धीरे-धीरे दुनिया के कई हिस्सों में फैल चुका है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 23 देशों में इसकी मौजूदगी दर्ज की गई है। United States में इसका असर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है, जहां कई राज्यों में इसके संकेत मिले हैं। विशेषज्ञ इसे “अंडर द रडार” फैलने वाला संक्रमण मान रहे हैं, जो चुपचाप लोगों को संक्रमित कर सकता है।
वेस्टवॉटर मॉनिटरिंग से हुआ खुलासा
इस वैरिएंट की पहचान के लिए वैज्ञानिकों ने सीवेज यानी गंदे पानी की जांच का सहारा लिया। इस तकनीक से संक्रमण के फैलाव का अंदाजा पहले ही लगाया जा सकता है। कई जगहों पर मरीजों की संख्या बढ़ने से पहले ही पानी के नमूनों में वायरस के अंश मिल गए, जिससे इसकी मौजूदगी का संकेत मिला।
भारत में स्थिति फिलहाल नियंत्रण में
भारत में अभी तक इस वैरिएंट का व्यापक असर नहीं दिखा है, लेकिन विशेषज्ञ सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय यात्राओं के चलते इसके आने की संभावना बनी हुई है। देश में अन्य वैरिएंट्स के कुछ मामले सामने आए हैं, जो यह संकेत देते हैं कि वायरस लगातार अपना रूप बदल रहा है।
वैक्सीन कितनी कारगर, क्या है आगे की चुनौती
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैक्सीन गंभीर बीमारी और मृत्यु से बचाने में अभी भी प्रभावी हैं। हालांकि, नए वैरिएंट के ज्यादा बदलावों के कारण संक्रमण से पूरी तरह बचाव मुश्किल हो सकता है। ऐसे में मास्क, स्वच्छता और सतर्कता जैसे उपाय फिर से अहम हो गए हैं।