1500 Bangladeshis deported: देश की राजधानी दिल्ली में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। पिछले कुछ महीनों में पुलिस ने बड़े पैमाने पर पहचान और गिरफ्तारी अभियान चलाकर हजारों लोगों को हिरासत में लिया है। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें वापस बांग्लादेश भेजा गया है।
बढ़ी रफ्तार
यह अभियान नवंबर 2024 में केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों के बाद शुरू हुआ था। शुरुआत में सीमित स्तर पर कार्रवाई हुई, लेकिन अप्रैल 2025 में हुए आतंकी हमले के बाद इसे और तेज कर दिया गया। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने संदिग्ध गतिविधियों पर सख्त निगरानी शुरू कर दी।
हजारों लोगों की पहचान और हिरासत
दिल्ली पुलिस के अनुसार, जून 2025 से फरवरी 2026 के बीच 1,589 अवैध बांग्लादेशी और 55 रोहिंग्या लोगों को हिरासत में लिया गया। इससे पहले नवंबर 2024 से मई 2025 के बीच 700 से अधिक लोगों की पहचान की गई थी। अलग-अलग जिलों में चलाए गए अभियानों में बाहरी, दक्षिण-पूर्वी और उत्तर-पश्चिमी जिलों में सबसे ज्यादा कार्रवाई हुई।
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इलाकों में छापेमारी
जांच के दौरान पता चला कि कई प्रवासी दिल्ली से सटे हरियाणा और राजस्थान के इलाकों में ईंट भट्ठों पर मजदूरी कर रहे थे। पुलिस ने ठेकेदारों और स्थानीय नेटवर्क की पहचान कर छापेमारी की और बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया। इस दौरान उन्हें शरण देने वाले लोगों पर भी कार्रवाई की गई।
सख्ती के निर्देश
हिरासत में लिए गए लोगों को पहले फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस के जरिए सत्यापन के बाद पश्चिम बंगाल भेजा गया और वहां से सीमा पार कराई गई। बाद में विशेष उड़ानों के जरिए भी उन्हें अगरतला पहुंचाया गया। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को अवैध घुसपैठ और फर्जी दस्तावेज नेटवर्क पर सख्ती बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, ताकि इस तरह की गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।