RBI Credit Card Rules : डिजिटल बैंकिंग के दौर में छोटी सी भुगतान संबंधी चूक भी ग्राहक की जेब पर भारी पड़ सकती है। ऐसा ही एक मामला सोशल मीडिया पर सामने आया है, जहां डॉ. समीर कागलकर ने HDFC Bank के क्रेडिट कार्ड चार्ज को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि 10,649.46 रुपये के बिल में उन्होंने 10,649 रुपये का भुगतान किया और सिर्फ 46 पैसे बाकी रह गए। इसके बाद उनके खाते में 1,200 रुपये से अधिक के लेट पेमेंट और अन्य चार्ज जुड़ गए।
ग्राहक ने बैंक की सर्विस पर उठाए सवाल
डॉ. समीर कागलकर के मुताबिक, उन्होंने मामले को लेकर बैंक के कस्टमर केयर से संपर्क किया, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की और मामूली बकाये पर लगाए गए भारी चार्ज को लेकर बैंक से इसे रिवर्स करने की मांग की। मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी क्रेडिट कार्ड के लेट पेमेंट चार्ज को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
क्या कहता है RBI का क्रेडिट कार्ड नियम?
RBI की Credit Card and Debit Card – Issuance and Conduct Directions में लेट पेमेंट चार्ज से जुड़े प्रावधान दिए गए हैं। नियमों के मुताबिक, लेट पेमेंट चार्ज और संबंधित शुल्क देय तारीख के बाद बकाया यानी unpaid portion पर आधारित होने चाहिए। इसके अलावा ग्राहकों के भुगतान को समय पर क्रेडिट करना और शुल्क को डिफॉल्ट के अनुपात में रखना भी जरूरी है। ऐसे में किसी मामले में केवल बकाया राशि और लगाए गए चार्ज के बीच का अंतर समझना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।
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46 पैसे के बकाये पर कितना चार्ज सही?
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर ग्राहक के बिल में सिर्फ 46 पैसे बाकी रह गए थे, तो क्या बैंक हजारों रुपये का लेट पेमेंट चार्ज लगा सकता है? इसका जवाब मामले की वास्तविक भुगतान स्थिति, कार्ड के नियमों और उस समय लागू RBI दिशा-निर्देशों को देखकर ही तय होगा। सिर्फ सोशल मीडिया पर सामने आए दावे के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि लगाया गया पूरा चार्ज निश्चित तौर पर नियमों के खिलाफ था।
मामला बढ़ा तो बैंक ने दिया जवाब
विवाद बढ़ने के बाद HDFC Bank की सर्विस मैनेजर रोहिता की ओर से सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी गई। बैंक ने असुविधा के लिए खेद जताया और बताया कि 18 अगस्त 2026 को ईमेल के जरिए जवाब दिया गया है। बैंक ने एक अन्य शिकायत, रेफरेंस नंबर 1896325236, पर 21 अगस्त 2026 तक अपडेट देने का भी आश्वासन दिया है। अब नजर इस बात पर है कि बैंक इस मामले में चार्ज को लेकर क्या अंतिम फैसला करता है।