टीम इंडिया के चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर का कार्यकाल 4 अक्टूबर 2026 को समाप्त होने जा रहा है। जुलाई 2023 में उन्होंने चयन समिति की जिम्मेदारी संभाली थी और तीन साल के दौरान भारतीय क्रिकेट ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं। रिपोर्ट्स के अनुसार अगरकर ने बोर्ड को संकेत दे दिया है कि वह कार्यकाल खत्म होने के बाद इस पद पर आगे नहीं रहना चाहते। अब नए चीफ सेलेक्टर की तलाश की तैयारी शुरू हो चुकी है।
एशियन गेम्स से शुरू हुआ जीत का सफर
अगरकर के कार्यकाल की शुरुआत ही एक बड़ी सफलता के साथ हुई थी। भारत ने हांगझोउ एशियन गेम्स 2023 में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा। इसके बाद टीम ने एशिया कप 2023 का खिताब भी अपने नाम किया। इसी दौरान भारतीय टीम ने वनडे वर्ल्ड कप 2023 में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया और दुनिया को अपनी ताकत का अहसास कराया।
टी20 वर्ल्ड कप ने खत्म किया लंबा इंतजार
साल 2024 भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद खास रहा। टीम इंडिया ने टी20 वर्ल्ड कप जीतकर 11 साल से चला आ रहा आईसीसी ट्रॉफी का इंतजार खत्म कर दिया। इस जीत ने भारतीय क्रिकेट को नई ऊर्जा दी। इसके बाद टीम का आत्मविश्वास लगातार बढ़ता गया और खिलाड़ियों ने बड़े मंच पर शानदार प्रदर्शन करना जारी रखा।
चैंपियंस ट्रॉफी और दूसरा टी20 विश्व खिताब
अगरकर के कार्यकाल में भारत ने 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी भी अपने नाम की। इसके बाद एशिया कप में भी टीम का दबदबा कायम रहा। सबसे बड़ी उपलब्धि तब आई जब भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतकर लगातार दूसरी बार इस टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया। ऐसा करने वाला भारत पहला देश बना जिसने टी20 विश्व कप ट्रॉफी का सफलतापूर्वक बचाव किया।
बड़े फैसलों से भी बने चर्चा का केंद्र
अगरकर सिर्फ ट्रॉफियों की वजह से ही चर्चा में नहीं रहे। उन्होंने कई साहसी फैसले भी लिए। टी20 प्रारूप में सूर्यकुमार यादव को कप्तानी सौंपना और बाद में श्रेयस अय्यर को जिम्मेदारी देना बड़ा कदम माना गया। वहीं वनडे टीम की कप्तानी रोहित शर्मा से लेकर शुभमन गिल को सौंपकर उन्होंने युवा नेतृत्व पर भरोसा दिखाया।
नई पीढ़ी को तैयार करने का श्रेय
अगरकर के कार्यकाल में भारतीय क्रिकेट ने बदलाव का दौर भी देखा। कई वरिष्ठ खिलाड़ियों ने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा और नई पीढ़ी को मौके मिले। चयन समिति ने युवा खिलाड़ियों पर भरोसा जताया और भविष्य की मजबूत टीम तैयार करने की दिशा में काम किया। अब जब उनका कार्यकाल समाप्ति की ओर है, तो उनके तीन साल भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल दौरों में गिने जा रहे हैं, जहां टीम ने लगातार खिताब जीतकर दुनिया में अपना दबदबा कायम रखा।