नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (ईस्टर्न रेंज–I) ने एक संगठित ड्रग तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में एमडीएमए और एक्स्टेसी गोलियां बरामद की गई हैं। यह गिरोह दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में नशीले पदार्थों की आपूर्ति में सक्रिय था।
डीसीपी विक्रम सिंह के अनुसार, लंबे समय से खुफिया निगरानी और पुख्ता सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रेशियस उर्फ प्रॉमिस (26) और ज्योफ्री बोटेंग उर्फ माइक (44) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से कुल 270 ग्राम एमडीएमए, 40 एक्स्टेसी गोलियां (18 ग्राम) और एक अन्य आरोपी से 72 ग्राम एमडीएमए बरामद किया है।
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि प्रेशियस नामक युवक दिल्ली-एनसीआर में एमडीएमए की सप्लाई कर रहा है और मोहन गार्डन इलाके में डिलीवरी के लिए आने वाला है। सूचना को वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में लाने के बाद एक विशेष टीम का गठन किया गया और बताए गए स्थान पर निगरानी शुरू की गई।
29 दिसंबर की देर रात करीब 11:50 बजे, संदिग्ध युवक को मौके पर दबोच लिया गया। पूछताछ में उसने अपनी पहचान प्रेशियस उर्फ प्रॉमिस, निवासी लागोस (नाइजीरिया) के रूप में बताई। तलाशी के दौरान उसके पास से एमडीएमए और एक्स्टेसी गोलियां बरामद हुईं। इसके बाद एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
दूसरा आरोपी भी गिरफ्तार
जांच के दौरान गिरोह के एक अन्य सदस्य ज्योफ्री बोटेंग उर्फ माइक की भूमिका सामने आई, जिसे 30 जनवरी 2026 को उत्तम नगर इलाके से गिरफ्तार किया गया। उसके पास से 72 ग्राम एमडीएमए बरामद की गई। आरोपी मूल रूप से घाना का रहने वाला है और अवैध रूप से भारत में रह रहा था।
पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे मिलकर दिल्ली-एनसीआर में ड्रग सिंडिकेट चला रहे थे। एमडीएमए और एक्स्टेसी गोलियां वे 2,000 रुपये प्रति ग्राम की दर से खरीदते और 2,500 रुपये प्रति ग्राम में भारतीय ग्राहकों को बेचते थे। पुलिस से बचने के लिए फर्जी मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया जाता था और बातचीत के रिकॉर्ड तुरंत डिलीट कर दिए जाते थे।
पुलिस ने बताया कि आरोपी प्रेशियस 2022 में मेडिकल वीजा पर भारत आया था, जबकि ज्योफ्री 2018 में टूरिस्ट वीजा पर आया था। दोनों के वीजा की अवधि समाप्त हो चुकी थी और वे अवैध रूप से भारत में रह रहे थे। ज्योफ्री बोटेंग पहले भी एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में गिरफ्तार हो चुका है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां तथा बरामदगी संभव है।