पूर्वी दिल्ली। राजधानी दिल्ली में संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन गैंग बस्ट 2.0” के तहत दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात राशिद केबल वाला और हाशिम बाबा गैंग के छह सक्रिय शार्पशूटरों और गुर्गों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 10 अवैध हथियार और 81 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपी ट्रांस यमुना इलाके में गैंग के लिए रंगदारी, फायरिंग, हत्या और गैंगवार जैसी वारदातों को अंजाम दे रहे थे। पुलिस का दावा है कि समय रहते कार्रवाई कर एक बड़ी खूनी वारदात को टाल दिया गया।
दिल्ली पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में संयुक्त आयुक्त पुलिस (अपराध), सुरेंद्र कुमार ने बताया कि क्राइम ब्रांच की वेस्टर्न रेंज-1 टीम ने इंस्पेक्टर प्रकाश चंद के नेतृत्व में यह ऑपरेशन चलाया। डीसीपी क्राइम ब्रांच हर्ष इंदौरा की निगरानी में गठित टीम को सूचना मिली थी कि राशिद केबल वाला और हाशिम बाबा गैंग से जुड़े कई बदमाश करोल बाग स्थित एफ-बार एंड लाउंज में इकट्ठा हुए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की, लेकिन क्लब में भारी भीड़ होने के कारण टीम ने बाहर निगरानी शुरू की।
सुबह करीब 4:05 बजे चार संदिग्ध क्लब से बाहर निकले। पुलिस ने तुरंत दबिश देकर सभी को दबोच लिया। उनकी मारुति बलेनो कार से दो इटली मेड बेरेटा पिस्टल समेत चार अत्याधुनिक पिस्टल और 32 जिंदा कारतूस बरामद हुए। इसके बाद पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने गैंग के दो और सदस्यों अरशद उर्फ छोटा और इमरान उर्फ टेली को भी गिरफ्तार कर लिया। लगातार छापेमारी में और हथियार बरामद हुए।
संयुक्त आयुक्त पुलिस सुरेंद्र कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फैज कुरैशी, माज, नवाजिश, अफ्फाक, इमरान उर्फ टेली और अरशद उर्फ छोटा के रूप में हुई है। सभी आरोपी पहले से हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, आर्म्स एक्ट और दंगों के मामलों में शामिल रहे हैं। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी दुबई में बैठे फरार गैंगस्टर राशिद केबल वाला से “सिग्नल ऐप” के जरिए सीधे संपर्क में थे और उसी के निर्देश पर दिल्ली में गैंग का नेटवर्क चला रहे थे।
जांच में सामने आया है कि आरोपी पूर्वी दिल्ली के इलाके के क्लबों और कारोबारियों से रंगदारी वसूलते थे। साथ ही सट्टेबाजी और अवैध गतिविधियों में भी शामिल थे। पुलिस के अनुसार यह गैंग अपने विरोधी गैंग के सदस्यों की हत्या की साजिश रच रहा था। आरोपियों के पास से बरामद हथियारों में 9 आधुनिक पिस्टल, एक .312 बोर की राइफल/डोगा और कुल 81 जिंदा कारतूस शामिल हैं।
पुलिस अब गैंग के हथियार सप्लायर, आर्थिक नेटवर्क और अन्य फरार साथियों की तलाश में जुटी है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई राजधानी में सक्रिय संगठित अपराध सिंडिकेट के खिलाफ बड़ी सफलता है और आगे भी ऐसे गैंग्स पर लगातार शिकंजा कसा जाएगा।
नवाजिश है गैंग की अहम कड़ी
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार नवाजिश गैंग का अहम सदस्य है और वही गैंग के लिए हथियारों का इंतजाम करता था। उसके कहने पर ही पांच हथियार बरामद किए गए। जांच में यह भी सामने आया कि गैंग स्थानीय किशोर लड़कों को हथियार देकर अपने गिरोह में शामिल कर रहा था।
आरोपी माज ने पूछताछ में बताया कि उसके कई रिश्तेदार पहले से मकोका मामलों में जेल में बंद हैं। अपनी सुरक्षा के लिए उसने अपराधियों से संपर्क बढ़ाया और बाद में राशिद केबल वाला गैंग का हिस्सा बन गया। वहीं इमरान उर्फ टेली पर हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और 2020 दिल्ली दंगों तक के मामले दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड में वह इलाके का “बैड कैरेक्टर” घोषित है।
फैज कुरैशी वर्ष 2022 में आनंद विहार स्थित बी-वाइंस क्लब में बाउंसर पर फायरिंग के मामले में जेल जा चुका है, जबकि अफ्फाक और नवाजिश पर प्रीत विहार के ब्लैक पैंथर कैफे में फायरिंग का आरोप है। अरशद उर्फ छोटा ने भी पड़ोसी पर फायरिंग की थी और जेल से बाहर आने के बाद राशिद गैंग में शामिल हो गया।