Delhi Crime Branch: दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने अंतरराज्यीय स्तर पर चल रहे संगठित मादक पदार्थ तस्करी रैकेट पर बड़ा प्रहार करते हुए एक और फर्जी दवा फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। बिहार के पटना के पास संचालित इस अवैध इकाई से भारी मात्रा में नकली दवाएं, साइकोट्रोपिक पदार्थ, मशीनरी और पैकेजिंग सामग्री बरामद की गई है।दिल्ली पुलिस मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में सुरेंद्र कुमार, संयुक्त आयुक्त पुलिस (क्राइम ) ने बताया कि यह कार्रवाई एफआईआर संख्या 273/25, धारा 22 एनडीपीएस एक्ट, थाना क्राइम ब्रांच की जांच के दौरान की गई।
पूछताछ से खुला राज, पटना में दबिश
डीसीपी एएनटीएफ संजीव कुमार यादव के समग्र पर्यवेक्षण में तथा एसीपी सतेन्द्र मोहन की देखरेख में इंस्पेक्टर नितेश कुमार की टीम ने यह कार्रवाई अंजाम दी। मामले में पहले गिरफ्तार आरोपी अरुण से पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि बृजेश नामक व्यक्ति पटना के पास अवैध रूप से नकली दवाएं और सिरप तैयार कर उन्हें बाजार में सप्लाई कर रहा है।
संदिग्ध फैक्ट्री पर छापा मारा
सूचना मिलते ही टीम पटना पहुंची और स्थानीय ड्रग विभाग को साथ लेकर संदिग्ध फैक्ट्री पर छापा मारा। जांच में पाया गया कि फैक्ट्री बिना वैध लाइसेंस के संचालित हो रही थी और वहां न तो अनिवार्य मैन्युफैक्चरिंग केमिस्ट था और न ही एनालिटिकल केमिस्ट। ड्रग विभाग ने नियमानुसार कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
भारी मात्रा में नकली दवाएं व मशीनरी बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में तैयार दवाएं, कच्चा माल और पैकेजिंग सामग्री जब्त की। बरामदगी में शामिल हैं-
590 स्ट्रिप क्लावम-25
30,000 से अधिक एम-मॉक्सी टैबलेट
53,000 से अधिक एम्बिसेट टैबलेट
10,000 विक्स एक्शन टैबलेट
8,000 ट्रिप्सिन टैबलेट
8,000 ओमेज कैप्सूल (एक्सपायर्ड)
बिना लेबल की कोडीन सिरप
20 से अधिक प्रकार की अन्य टैबलेट/सिरप
इंडस्ट्रियल स्टिरर मशीन
बड़े ड्रम
खाली पीईटी बोतलें व ढक्कन
पैकिंग व लेबलिंग सामग्री
फर्जी मेडिकल स्टोर्स के जरिए सप्लाई किया जाता था
पुलिस के अनुसार, बड़ी मात्रा में एक्सपायर्ड दवाओं की बरामदगी से संकेत मिलता है कि उन्हें दोबारा पैक कर बाजार में ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा था। इन दवाओं को फर्जी मेडिकल स्टोर्स के जरिए सप्लाई किया जाता था।
अब तक 9 गिरफ्तार, भारी मात्रा में नशीला पाउडर जब्त
इस पूरे ऑपरेशन में अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। साथ ही 13 किलोग्राम से अधिक ट्रामाडोल पाउडर और 500 ग्राम से अधिक अल्प्राजोलम बरामद किया गया है। जांच के दौरान टीम ने विभिन्न राज्यों में हजारों किलोमीटर की यात्रा कर कई मॉड्यूल और फैक्ट्रियों का पर्दाफाश किया है।
‘जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों पर जीरो टॉलरेंस’
डीसीपी विक्रम सिंह ने कहा कि यह कार्रवाई देशभर में फैले मादक पदार्थ एवं साइकोट्रोपिक नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में बड़ा कदम है। जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। क्राइम ब्रांच की यह मुहिम नशा मुक्त दिल्ली के लक्ष्य की ओर एक मजबूत पहल मानी जा रही है। पुलिस अब अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और जांच जारी है।