
जनपद के थाना कांधला क्षेत्र में शुक्रवार एवं शनिवार की मध्य रात्रि पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में एक शातिर बदमाश ढेर हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान नफीस पुत्र मुदा निवासी मोहल्ला खेल, थाना कांधला के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार नफीस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था और वह लंबे समय से फरार चल रहा था।
क्या बोले एसपी शामली
शामली के एसपी एनपी सिंह ने बताया कि नफीस थाना कांधला का हिस्ट्रीशीटर था और उसके खिलाफ कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज थे। करीब एक वर्ष पूर्व उस पर नकली करेंसी की तस्करी का आरोप भी लगा था, जिसमें पाकिस्तान कनेक्शन सामने आया था। पुलिस को उसकी तलाश लंबे समय से थी।
मुठभेड़ के दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जवाबी कार्रवाई में नफीस गोली लगने से घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ स्थल से हथियार और कुछ आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच जारी है। एसपी ने पुलिस टीम को इस सफलता के लिए पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
जंगल में चली गोलियां, थाना प्रभारी बाल-बाल बचे
कांधला। आधी रात के बाद कांधला थाना पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम भभीसा चौकी क्षेत्र में गश्त पर थी। अचानक एक संदिग्ध बाइक पर दो बदमाशों को देखा गया, जिनकी गाड़ी का नंबर पहले से ट्रेस था। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन बदमाशों ने सरेंडर करने की बजाय अंधेरे जंगल की ओर भागते हुए अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं, जिसमें नफीस को सीने और पेट में कई गोलियां लगीं। घायल नफीस को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया ।कांधला थानाध्यक्ष सतीश कुमार भी निशाने पर थे। बदमाशों की एक गोली उनकी बुलेटप्रूफ जैकेट को छू गई, जिससे वे बाल-बाल बच गए। एसपी एनपी सिंह ने बताया, "यह हमारी टीम की सतर्कता का कमाल है। बदमाशों ने पहले गोली चलाई, हमने आत्मरक्षा में जवाब दिया।" नफीस का साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया, जिसकी तलाश में अब पूरे जिले में पुलिस की टीमें छापेमारी कर रही हैं।
34 केसों के बाॅस नफीस का काला इतिहास
शामली जनपद के कांधला क्षेत्र में मुठभेड़ में मारे गए नफीस (उम्र 32 वर्ष) पुत्र मुदा निवासी मोहल्ला खेल, थाना कांधला, कोई साधारण अपराधी नहीं था। वह थाने का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर था और उसके नाम पर कुल 34 से ज्यादा आपराधिक मुकदमे दर्ज थे, जिनमें हत्या, लूट, डकैती, गैंगस्टर एक्ट, जानलेवा हमला और नकली करेंसी की तस्करी जैसे संगीन अपराध शामिल हैं। खास बात यह है कि तीन मामलों में वह वांछित चल रहा था, और उसके सिर पर एक लाख रुपये का इनाम था। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि नफीस एक वर्ष पहले नकली करेंसी की बड़ी खेप की तस्करी में फंसा था, जिसका कनेक्शन पाकिस्तान की ओर बताया जा रहा है। खुफिया सूत्रों के मुताबिक, वह सीमा पार से आने वाले जाली नोटों के नेटवर्क का अहम हिस्सा था, जो उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आर्थिक अराजकता फैला रहा था। नफीस के गिरोह ने हाल ही में कैराना और कांधला क्षेत्र में कई लूटपाट की घटनाओं को अंजाम दिया था, जिससे इलाके के व्यापारी और आमजन दहशत में जी रहे थे। मुठभेड़ स्थल से पुलिस को भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए: एक .32 बोर पिस्टल (5 जिंदा + 1 खोखा कारतूस), एक .315 बोर तमंचा (2 खोखा कारतूस), और एक बुलेटप्रूफ मोटरसाइकिल। ये सबूत नफीस के अपराधी साम्राज्य की पोल खोल रहे हैं।पुलिस नफीस के फरार साथी और उसके नेटवर्क की गहरी छानबीन कर रही है।
क्या यह पाकिस्तान कनेक्शन कोई बड़ा राज खोलेगा?
शामली पुलिस की माने तो आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल, शामली पुलिस खुद की पीठ थपथपा रही है, और अपराधी दुनिया में सनसनी मच गई है। फिलहाल पुलिस मारे गए नफीस के साथी की तलाश में जुटी है जिसके पकड़े जाने पर कुछ अहम खुलासे हो सकते हैं