
मेरठ । घर से बुलाकर युवा किसान की सीने में गोली मारकर हत्या कर दी और शव को अगवानपुर गांव के जंगल में फेंक दिया। कातिलों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने फोरेंसिक टीम व डाग स्क्वायड की मदद ली, लेकिन पुलिस को सफलता नहीं मिली। बदमाशों की पहचान के लिए पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। किसान बसपा से भी जुड़े हुए थे। परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के अगवानपुर गांव निवासी 28 वर्षीय राहुल खेती करते थे और बसपा से भी जुड़े हुए थे। शनिवार रात को राहुल को घर से कोई बुलाकर ले गया था।
देर रात तक राहुल घर नहीं पहुंचे तो पिता टेकचंद ने इसकी सूचना रात में ही चितवाना पुलिस चौकी पर दे दी थी। इसके बाद परिजनों राहुल का मोबाइल मिलाया, लेकिन वह रिसीव नहीं हुआ। रात में परिजनों ने राहुल के दोस्तों से भी जानकारी की, लेकिन वह भी राहुल के बारे में कुछ नहीं बता पाए थे। रविवार सुबह पुलिस को सूचना मिली थी कि अगवानपुर खूंटी मार्ग पर आरिफ के ट्यूबवेल से कुछ दूरी पर एक युवक का शव पड़ा हुआ है। इसकी जानकारी मिलते ही ग्रामीण और राहुल के परिजन मौके पर पहुंचे और परिजनों ने शव को पहचान राहुल के रूप में की। युवा किसान की हत्या की जानकारी मिलते ही एसपी देहात अभिजीत कुमार मौके पर पहुंचे और परिजनों से पूरे मामले की जानकारी की।
इसके बाद पुलिस ने कातिलों तक पहुंचने के लिए डाग स्क्वायड व फोरेंसिक टीम को बुला लिया। डाग स्क्वायड की टीम आसपास घूम कर फिर घटनास्थल पर लौट आई। फोरेंसिक टीम को घटना स्थल व उसके आसपास से चार कारतूस मिले हैं। राहुल के सीने में गोली लगी थी। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद की मांग की है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मेरे इकलौते बेटे की किसी से रंजिश नहीं थी पिता टेकचंद ने बताया, राहुल इकलौता बेटा था और शनिवार रात आठ बजे यह कहकर गया था कि उसे किसी ने मिलने के लिए बुलाया है। राहुल की शादी हो चुकी है। उसके तीन बेटे वंश, लक्की और लवी हैं। घर में ट्रैक्टर है और छह बीघे जमीन है। अपनी गाड़ी भी है। पिछले दिनों वह मायावती की रैली में लखनऊ गया था। उसकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी, लेकिन यह समझ नहीं आ रहा है, उसकी जान का दुश्मन कौन था। एक बेटा नर्सरी में और दूसरा केजी में पढ़ता है। राहुल की पत्नी को रो-रोकर बुरा हाल है।
चचेरा भाई बोला, गोली मारकर शव फेंका
राहुल के चचेरे भाई मोनू ने बताया, शनिवार देर रात तक जब वह वापस नहीं लौटा तो हमने उसकी तलाश की। आसपास के कैमरे चेक किए। हमें लगा कि शायद राहुल खेत पर गया होगा। वहां गुरुजी रहते है। सुबह चार बजे राहुल के ससुराल वाले भी आ गए। उसी समय हमारे पड़ोसी कृष्णा और ऋषभ जंगल की तरफ गए थे। दोनों ने घर आकर बताया, राहुल का शव जंगल में पड़ा है। घटनास्थल को देखकर ऐसा लग रहा है कि राहुल को हत्या कहीं और करने के बाद शव को यहां लाकर फेंका है, क्योंकि वहां बाइक के टायरों के निशान मिले हैं। एक गोली मौके पर पड़ी मिली, एक गोली सीने में आर-पार थी।
ग्रामीणों ने बताया, आरिफ की ट्यूबवेल से लेकर घटनास्थल तक चार कारतूस मिले हैं। ईख बांध रहे मजदूरों ने बताया, रविवार तड़के एक बाइक पर सवार तीन युवक जाते देखा था। परिजनों ने बताया,राहुल घर जो चप्पल पहनकर गया था, वह चप्पल नहीं मिली, जबकि शव के पास दूसरी चप्पल पड़ी थी।
जांच में पता चला है कि राहुल को किसी ने रात में बुलाया था। गांव में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे है। मौके से पुलिस को कारतूस भी मिले हैं। राहुल की हत्या का जल्द राजफाश कर दिया जाएगा।