पहलागाम में हुए आतंकी हमले और भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव का सीधा असर अब देश की टूरिज्म इंडस्ट्री पर दिखने लगा है। खासकर मध्यप्रदेश जैसे राज्य, जहां हर साल गर्मियों में हजारों लोग ठंडी जगहों की ओर रुख करते थे, वहां इस बार टूरिज्म पूरी तरह से ठप हो गया है। मई-जून के पीक सीजन में जब टूरिज्म कारोबार फलता-फूलता है, इस बार बुकिंग्स तक नहीं हो रहीं। हालात ये हैं कि MP के टूर ऑपरेटर्स और ट्रैवल एजेंट्स को करोड़ों का नुकसान झेलना पड़ रहा है। जम्मू-कश्मीर से लेकर नॉर्थ ईस्ट तक की सभी प्रमुख ठंडी जगहों की बुकिंग कैंसिल हो रही है। वहीं, विदेशों में तुर्किए और अजरबैजान का भी बहिष्कार शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि इस सीजन में मध्यप्रदेश का टूरिज्म इंडस्ट्री करीब 20 करोड़ के घाटे में जा सकता है।
आतंकी हमले और तनाव ने बिगाड़ा टूरिज्म का गणित
पहलागाम आतंकी हमले के बाद से मध्यप्रदेश से बाहर घूमने जाने वाले पर्यटक ठंडी जगहों से दूरी बना रहे हैं। भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तनाव ने टूरिस्ट्स के मन में डर और असमंजस पैदा कर दिया है, जिससे मई महीने में 90% टूर बुकिंग्स रद्द हो चुकी हैं।
मई-जून का सीजन भी गया खाली
ट्रैवल एजेंट्स के अनुसार हर साल मई-जून में लगभग 50 हजार से ज्यादा लोग MP से नॉर्थ इंडिया और नॉर्थ ईस्ट की हिल स्टेशन ट्रिप्स पर जाते हैं। लेकिन इस बार बुकिंग्स न के बराबर हैं। जून के लिए भी स्थिति साफ नहीं है, और पूरा सीजन खराब होने की आशंका है।
विदेशी टूरिज्म पर भी असर, तुर्किए-अजरबैजान का बहिष्कार
तुर्किए और अजरबैजान द्वारा पाकिस्तान का समर्थन करने पर इन देशों की बुकिंग्स को रद्द किया जा रहा है। टूरिज्म इंडस्ट्री ने इन देशों का प्रमोशन बंद कर दिया है। पहले जहां लाखों भारतीय पर्यटक यहां जाते थे, अब जॉर्जिया, यूरोप, थाईलैंड और वियतनाम की बुकिंग्स की जा रही हैं।
होटल और ट्रिप रेट्स घटे, फिर भी बुकिंग नहीं
इस बार होटल बुकिंग्स और ट्रैवल पैकेज के रेट्स सामान्य से कम हैं, फिर भी पर्यटक इन ठंडी जगहों की बुकिंग्स से परहेज कर रहे हैं। दुबई जैसे डेस्टिनेशन के रेट्स में भी गिरावट देखी गई है, पर स्थिति में खास सुधार नहीं है।
घरेलू कारोबार पर 20 करोड़ का असर
मध्यप्रदेश के ट्रैवल कारोबार को इस साल लगभग 20 करोड़ रुपये का नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है। टूर एजेंट्स और ट्रैवल ऑपरेटर्स की बुकिंग्स लगभग शून्य हो चुकी हैं, जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर भी असर डाल सकती हैं।