क्रॉसिंग रिपब्लिक के निवासियों की सुविधा के लिए खोला गया लूप अब हाई-स्पीड ट्रैफिक के लिए परेशानी बन गया है। एनएच-9 और डीएमई पर बढ़ते वाहन दबाव के बीच यह एक्सेस पॉइंट चोक पॉइंट में बदल गया, जिससे दुर्घटनाओं के मामले बढ़ने लगे। अधिकारियों ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सोमवार से पीक आवर्स में इस कट को बंद करने का फैसला लिया, जिससे स्थानीय यात्रियों की दिक्कतें फिर बढ़ गई हैं।
हाई-स्पीड ट्रैफिक पर असर, बना चोक पॉइंट
अधिकारियों के अनुसार, डीएमई और एनएच-9 पर रोजाना लगभग 4 लाख पैसेंजर कार यूनिट (PCU) का भारी ट्रैफिक चलता है। इनमें से अकेले एक्सप्रेसवे पर 50,000 PCU दर्ज किए जाते हैं। इतने बड़े वॉल्यूम के बीच यह अतिरिक्त कट जल्द ही चोक पॉइंट में बदल गया, जिससे गति धीमी हुई और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया।
सबसे अधिक दुर्घटनाओं वाला कट—एनएचएआई
एक अधिकारी ने बताया कि डीएमई को सराय काले खां से मेरठ तक निर्बाध यात्रा के लिए एक्सेस-नियंत्रित बनाया गया है। वर्ष 2024 में स्थानीय वाहनों की सुविधा के लिए 18.6 किमी पर एक एक्सेस पॉइंट जोड़ा गया था, लेकिन समय के साथ यह सबसे अधिक दुर्घटना-प्रवण क्षेत्र साबित हुआ। मूल्यांकन के बाद निर्णय लिया गया कि पीक आवर्स में कट बंद रहेगा, ताकि हाई-स्पीड कॉरिडोर की सुरक्षा बनी रहे।
निवासियों की परेशानी बढ़ी
स्थानीय निवासियों ने बताया कि कट खुलने से पहले प्रताप विहार से शाहबेरी रोड तक सीधे पहुंचना मुश्किल था। लूप उनके लिए एकमात्र आसान क्रॉसिंग था, लेकिन अब लगभग पूरे दिन बंद रहने से फिर वही पुरानी परेशानी लौट आई है। लोगों का कहना है कि वैकल्पिक रूट लंबा होने से समय और ईंधन दोनों ज्यादा खर्च हो रहे हैं।
स्थायी समाधान की मांग
निवासी चाहते हैं कि सुरक्षा और सुगम यात्रा दोनों को ध्यान में रखते हुए कोई संतुलित समाधान निकाला जाए, जिससे हाई-स्पीड ट्रैफिक भी सुरक्षित रहे और स्थानीय लोगों को भी राहत मिल सके।