अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बाद देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड 88 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जिससे यह सवाल उठने लगा है कि क्या आने वाले दिनों में भारतीय उपभोक्ताओं को भी महंगे ईंधन का सामना करना पड़ेगा। हालांकि फिलहाल राहत की बात यह है कि शनिवार, 18 जुलाई 2026 को सरकारी तेल कंपनियों ने ईंधन की खुदरा कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है।
फिलहाल स्थिर हैं पेट्रोल-डीजल के दाम
देशभर में 25 मई 2026 के बाद से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई व्यापक बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली, गुरुग्राम, बेंगलुरु, पटना, भुवनेश्वर और चंडीगढ़ जैसे प्रमुख शहरों में आज भी पुराने रेट ही लागू हैं। हालांकि अलग-अलग राज्यों में वैट और परिवहन लागत के कारण कीमतों में अंतर बना हुआ है। कुछ शहरों में मामूली बढ़ोतरी और कुछ जगहों पर हल्की गिरावट दर्ज की गई है।
इन शहरों में दिखा उतार-चढ़ाव
मुंबई, कोलकाता और नोएडा में आज पेट्रोल की कीमतों में कुछ पैसे की बढ़ोतरी देखने को मिली, जबकि चेन्नई, हैदराबाद, जयपुर और लखनऊ में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मामूली राहत मिली है। तेल कंपनियां हर दिन सुबह अंतरराष्ट्रीय बाजार और स्थानीय करों के आधार पर कीमतों की समीक्षा करती हैं, इसलिए शहरों के हिसाब से रेट अलग-अलग बने रहते हैं।
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कच्चे तेल की तेजी क्यों बढ़ा रही चिंता
पिछले एक सप्ताह में ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमतों में करीब 16 प्रतिशत का उछाल आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक बाजार में यह तेजी लंबे समय तक बनी रहती है तो भविष्य में ईंधन कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि फिलहाल तेल विपणन कंपनियों ने खुदरा कीमतों में किसी बड़ी बढ़ोतरी का फैसला नहीं किया है, जिससे उपभोक्ताओं को तत्काल राहत मिली हुई है।
बढ़ी ईंधन की मांग, सरकार ने बदली ड्यूटी
जुलाई के पहले पंद्रह दिनों में देश में पेट्रोल और डीजल की मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सामान्य से कमजोर मानसून के कारण कृषि कार्यों में डीजल की खपत बढ़ी, जबकि सड़क परिवहन भी मजबूत बना रहा। इसी बीच केंद्र सरकार ने डीजल और एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर एक्सपोर्ट ड्यूटी बढ़ा दी है, जबकि पेट्रोल के निर्यात पर ड्यूटी घटाई गई है। सरकार अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और रिफाइनिंग मार्जिन के आधार पर समय-समय पर इन दरों की समीक्षा करती रहती है। फिलहाल देश में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर हैं, लेकिन वैश्विक बाजार की हलचल पर आने वाले दिनों में सभी की नजर बनी रहेगी।