CSC Services in Villages : गांव और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए अब कई सरकारी काम पहले से आसान हो गए हैं। आधार अपडेट कराने से लेकर प्रमाणपत्र बनवाने, बैंकिंग सेवाएं लेने और बिल जमा करने तक के काम अब नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर किए जा सकते हैं। इससे लोगों को छोटे-छोटे काम के लिए शहरों और सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। सरकार लगातार CSC नेटवर्क का विस्तार कर रही है ताकि ग्रामीण इलाकों तक डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ाई जा सके।
CSC पर मिलती हैं कई जरूरी सुविधाएं
कॉमन सर्विस सेंटर पर आधार से जुड़ी सेवाएं, PAN कार्ड आवेदन, आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र, बैंकिंग सेवाएं, बीमा, पेंशन और बिजली-पानी के बिल भुगतान जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। एक ही जगह पर कई सेवाएं मिलने से ग्रामीणों का समय और खर्च दोनों बचता है। इसके अलावा कई सरकारी योजनाओं की जानकारी और आवेदन प्रक्रिया भी CSC के माध्यम से पूरी की जा सकती है।
4 लाख से ज्यादा CSC सक्रिय
सरकारी आंकड़ों के अनुसार 30 जून 2026 तक देशभर की ग्राम पंचायतों में 4,07,122 कॉमन सर्विस सेंटर सक्रिय थे। इनमें 70,069 केंद्र महिलाओं द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। यह नेटवर्क ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा कर रहा है। सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों को उनके गांव में ही डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
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डिजिटल इंडिया से बढ़ी सुविधा
भारत सरकार ने जुलाई 2015 में डिजिटल इंडिया कार्यक्रम की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य तकनीक के जरिए सरकारी सेवाओं को लोगों तक पहुंचाना है। इसी पहल के तहत कई डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किए गए, जिनमें UMANG और DigiLocker प्रमुख हैं। इन प्लेटफॉर्म के जरिए नागरिक मोबाइल फोन से ही कई सरकारी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं और जरूरी दस्तावेजों को डिजिटल रूप में सुरक्षित रख सकते हैं।
UMANG और DigiLocker का बढ़ा उपयोग
31 जुलाई 2026 तक UMANG ऐप पर करीब 2,575 सरकारी सेवाएं उपलब्ध थीं। इनमें 880 सेवाएं केंद्र सरकार और 1,695 सेवाएं राज्य सरकारों से जुड़ी हैं। वहीं DigiLocker पर 5,437 प्रकार की सेवाएं और दस्तावेज उपलब्ध हैं। इससे लोगों को दस्तावेजों की हार्ड कॉपी रखने की जरूरत कम पड़ती है और सरकारी कामकाज भी तेजी से पूरा होता है।
करोड़ों लोग उठा रहे लाभ
UMANG ऐप से अब तक 11.66 करोड़ से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं। पिछले तीन वर्षों में इस प्लेटफॉर्म के जरिए लगभग 798 करोड़ बार सेवाओं का उपयोग किया गया है। वहीं DigiLocker के 72.43 करोड़ से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता हैं और पिछले तीन वर्षों में करीब 72.86 करोड़ बार दस्तावेज एक्सेस किए गए हैं। बढ़ते आंकड़े बताते हैं कि देश में डिजिटल सेवाओं का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग इन सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं।