देशभर में आयोजित CUET UG 2026 परीक्षा के दौरान कई परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी समस्याओं ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी। निर्धारित समय पर परीक्षा शुरू न होने से कई उम्मीदवारों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। इस बीच परीक्षा रद्द होने की अफवाहों ने स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया। बाद में परीक्षा संचालन से जुड़े अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट करते हुए परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव की घोषणा की और प्रभावित छात्रों को पूरा समय देने का भरोसा दिलाया।
तकनीकी गड़बड़ी से प्रभावित हुआ परीक्षा संचालन
CUET UG 2026 की परीक्षा के दौरान कुछ केंद्रों पर तकनीकी खामी सामने आने से परीक्षा निर्धारित समय पर शुरू नहीं हो सकी। सिस्टम संबंधी समस्या के कारण उम्मीदवारों को परीक्षा हॉल में प्रवेश के बाद भी इंतजार करना पड़ा। अधिकारियों के अनुसार तकनीकी दिक्कत की पहचान कर उसे ठीक किया गया, जिसके बाद परीक्षा प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया।
लंबे इंतजार से बढ़ी छात्रों की परेशानी
कई परीक्षा केंद्रों पर मौजूद छात्रों ने बताया कि उन्हें घंटों तक इंतजार करना पड़ा। देरी के कारण परीक्षार्थियों में तनाव और असमंजस की स्थिति बनी रही। कुछ स्थानों पर बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी शिकायतें सामने आईं। अभिभावकों ने भी परीक्षा प्रबंधन व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए बेहतर समन्वय की मांग की।
अफवाहों ने बढ़ाया भ्रम और तनाव
तकनीकी समस्या के बीच कुछ केंद्रों पर परीक्षा रद्द होने की चर्चाएं फैलने लगीं। इन अफवाहों के चलते परीक्षा केंद्रों के बाहर भीड़ जमा हो गई और कई अभिभावक स्थिति की जानकारी लेने पहुंचे। इससे कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। बाद में आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी होने के बाद स्थिति सामान्य हुई।
प्रभावित उम्मीदवारों को मिलेगा पूरा समय
परीक्षा संचालन संस्था ने स्पष्ट किया कि जिन केंद्रों पर परीक्षा देर से शुरू हुई, वहां छात्रों को निर्धारित अवधि के अनुसार पूरा समय दिया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी उम्मीदवार को तकनीकी समस्या के कारण नुकसान नहीं होने दिया जाएगा और परीक्षा प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से पूरी कराई जाएगी।
दोपहर की शिफ्ट के समय में किया गया बदलाव
कुछ केंद्रों पर हुई देरी को देखते हुए परीक्षा के शेड्यूल में संशोधन किया गया। दोपहर की शिफ्ट के लिए प्रवेश प्रक्रिया बाद में शुरू की गई, जबकि परीक्षा आरंभ होने का समय भी आगे बढ़ाया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला छात्रों को पर्याप्त समय और बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लिया गया, ताकि परीक्षा सुचारु रूप से संपन्न हो सके।