मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग ने वर्ष 2024 और 2025 के लिए राष्ट्रीय सम्मानों की घोषणा की है। इस बार के पुरस्कारों में फिल्म, संगीत, साहित्य, सूचना प्रौद्योगिकी और सामाजिक सेवा जैसे क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान देने वाली कई हस्तियों को सम्मानित किया जाएगा। 14 सितंबर को भोपाल में होने वाले भव्य कार्यक्रम में संजय लीला भंसाली, सोनू निगम, प्रसून जोशी, शंकर-एहसान-लॉय समेत देश-विदेश की प्रतिभाओं को आठ विभिन्न राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किए जाएंगे।
भोपाल में होगा हिंदी दिवस पर सम्मान समारोह
राष्ट्रीय सम्मान समारोह 14 सितंबर को भोपाल में आयोजित होगा, जहां हिंदी दिवस के अवसर पर देशभर से चयनित विभूतियों को सम्मानित किया जाएगा। इस आयोजन का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, कला और साहित्य के संवर्धन में योगदान देने वालों को राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाना है।
सम्मान राशि और श्रेणियां
संस्कृति विभाग के अनुसार, राष्ट्रीय महात्मा गांधी सम्मान के अंतर्गत 20 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी, जबकि अन्य सात सम्मानों के लिए प्रत्येक 5 लाख रुपये प्रदान किए जाएंगे। यह सम्मान वर्ष 2024 और 2025 की दो श्रेणियों में दिए जाएंगे।
2024 में इन प्रतिभाओं को मिलेगा सम्मान
प्रसून जोशी (दिल्ली): राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान (गीत लेखन)
शंकर-एहसान-लॉय (मुंबई): राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान (संगीत निर्देशन)
आनंदधाम (भोपाल): राष्ट्रीय महात्मा गांधी सम्मान
डॉ. केसी अजय कुमार (तिरुवनंतपुरम): राष्ट्रीय हिंदी सेवा सम्मान
डॉ. राधेश्याम नापित (शहडोल): राष्ट्रीय गुणाकर मुले सम्मान
प्रशांत पोळ (जबलपुर): राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी सम्मान
रीता कौशल (ऑस्ट्रेलिया): राष्ट्रीय निर्मल वर्मा सम्मान
डॉ. इंदिरा गाजिएवा (रूस): राष्ट्रीय फादर कामिल बुल्के सम्मान
2025 में इन हस्तियों को किया गया चयनित
संजय लीला भंसाली (मुंबई): राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान (निर्देशन)
सोनू निगम (मुंबई): राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान (पार्श्व गायन)
पुनरुत्थान समरसता गुरुकुलम (पुणे): राष्ट्रीय महात्मा गांधी सम्मान
डॉ. विनोद बब्बर (दिल्ली): राष्ट्रीय हिंदी सेवा सम्मान
डॉ. सदानंद सप्रे (भोपाल): राष्ट्रीय गुणाकर मुले सम्मान
लोकेन्द्र सिंह राजपूत (भोपाल): राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी सम्मान
डॉ. वंदना मुकेश (इंग्लैंड): राष्ट्रीय निर्मल वर्मा सम्मान
पद्मा जोसेफिन वीरसिंघे (श्रीलंका): राष्ट्रीय फादर कामिल बुल्के सम्मान
संस्कृति और भाषा को मिलेगा प्रोत्साहन
इन राष्ट्रीय सम्मानों के माध्यम से न केवल व्यक्तियों बल्कि संस्थाओं के योगदान को भी मान्यता दी जा रही है। यह कदम भारतीय भाषाओं, संगीत, सिनेमा और तकनीकी क्षेत्र में कार्यरत प्रतिभाओं को नई प्रेरणा देगा।