बिहार चुनाव में झटका खाने के बाद कांग्रेस ने संगठन और राजनीति दोनों स्तरों पर मंथन तेज कर दिया है। दिल्ली में आज कांग्रेस वर्किंग कमेटी की अहम बैठक हो रही है, जिसे आने वाले चुनावों की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व इस बैठक में न सिर्फ हालिया हार की समीक्षा करेगा, बल्कि केंद्र सरकार के खिलाफ आगामी राजनीतिक एक्शन प्लान पर भी फैसला ले सकता है।
शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में मंथन
कांग्रेस की सबसे बड़ी नीति निर्धारक इकाई की इस बैठक की अध्यक्षता पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे कर रहे हैं। बैठक में सोनिया गांधी और राहुल गांधी की मौजूदगी इसे और अहम बना रही है। वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और संगठन के जिम्मेदार पदाधिकारियों ने भी इसमें हिस्सा लिया है।
किन मुद्दों पर होगी चर्चा
बैठक में देश के मौजूदा राजनीतिक हालात, संसद सत्र के अनुभव और केंद्र सरकार की नीतियों पर विस्तार से चर्चा होनी है। खास तौर पर ग्रामीण रोजगार से जुड़े कानून में बदलाव और मनरेगा से जुड़े फैसलों को लेकर पार्टी की रणनीति पर मंथन किया जा रहा है। कांग्रेस नेतृत्व इस मुद्दे को जनआंदोलन से जोड़ने की संभावनाओं पर भी विचार कर रहा है।
बिहार हार की समीक्षा, आगे की तैयारी
यह बैठक इसलिए भी खास है क्योंकि यह बिहार चुनाव में हार के बाद पहली CWC बैठक है। पार्टी नेता चुनावी रणनीति, संगठनात्मक कमजोरियों और जमीनी स्तर पर सुधार की जरूरतों पर खुलकर चर्चा कर सकते हैं। इसके साथ ही 2026 में होने वाले असम, केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी विधानसभा चुनावों को लेकर शुरुआती रणनीति भी तैयार की जा सकती है।
सरकार के खिलाफ एक्शन प्लान
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस केंद्र सरकार के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा बना सकती है। रोजगार, महंगाई और सामाजिक योजनाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर पार्टी सड़क से संसद तक दबाव बनाने की तैयारी में है। इस बैठक से कांग्रेस के अगले राजनीतिक कदमों की दिशा साफ होने की उम्मीद है।