
मेरठ। साइबर अपराध आज के समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है और इससे बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है जागरूकता। इस आधुनिक युग में सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाए, संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों से सतर्क रहे, ताकि साइबर अटैक से बचा सके। साइबर अपराध होने पर तत्काल इसकी सूचना साइबर हेल्पलाइन 1930 या फिर राष्ट्रीय साइबर पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर दे। यह बात प्रदेश के पुलिस मुखिया राजीव कृष्णन ने राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह पर चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय सभागार में आयोजित भव्य कार्यक्रम को वर्चुअल संबोधित करते हुए कही।
शनिवार को मिशन शक्ति अभियान फेज 5.0 व राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह के तहत चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के सुभाष चन्द्र प्रेक्षागृह में साइबर अपराध सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं, महिलाओं, व्यापारियों, पुलिसकर्मियों को साइबर अपराधों से बचाव, ऑनलाइन सुरक्षा एवं डिजिटल साक्षरता के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं प्रदेश के पुलिस मुखिया राजीव कृष्णन ने ऑनलाइन वर्चुअल किया। उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज के डिजिटल युग में साइबर अपराध से बचना एक बड़ी चुनौती है। जरा सी लापरवाही हानिकारक हो सकती है। इस लिए आज के इस युग में सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने की जरूरत है।
मुख्य सत्र एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम में एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर, डीआईजी मेरठ रेंज कलानिधि नैथानी, डीएम डा.वीके सिंह, एसएसपी डा, विपिन ताडा आदि पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। मुख्य सत्र को संबोधित करते हुए प्रसिद्ध साइबर विशेषज्ञ रक्षित टंडन ने साइबर अपराधों की रोकथाम, ऑनलाइन सुरक्षा, डिजिटल साक्षरता एवं साइबर जागरूकता से संबंधित विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने सोशल मीडिया, ऑनलाइन बैंकिंग, ई-कॉमर्स, साइबर फ्रॉड एवं व्यक्तिगत डेटा सुरक्षा से जुड़ी सावधानियों पर व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया और साइबर हेल्पलाइन 1930 और राष्ट्रीय साइबर पोर्टल (cybercrime.gov.in) के विषय में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में मौजूद छात्र-छात्राओं, व्यापारी, विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों द्वारा साइबर अपराधों से संबंधित पूछे गए सवालों का रक्षित टंडन ने व्यावहारिक उदाहरणों सहित जवाब दिया। अंत में रक्षित टंडन ने कहा,आज के डिजिटल युग में साइबर जागरूकता ही सर्वोत्तम सुरक्षा कवच है। हर व्यक्ति को अपने मोबाइल व ऑनलाइन लेनदेन की सुरक्षा के प्रति सजग रहना चाहिए।