
कासना क्षेत्र में रहने वाली वरिष्ठ नागरिक ए लक्ष्मी साइबर ठगों का शिकार हो गईं। ठगों ने उन्हें तीन दिन तक मानसिक रूप से बंधक बनाकर 40 लाख रुपये की ठगी की। यह घटना 12 अगस्त की दोपहर शुरू हुई जब उन्हें एक व्यक्ति ने वरुण कुमार नाम से फोन किया, जो खुद को दूरसंचार विभाग का अधिकारी बता रहा था। उसने बताया कि उनकी आइडी पर एक सिम जारी हुआ है जिससे अश्लील कॉल की जा रही हैं और मुंबई पुलिस में मामला दर्ज है।
इसके बाद पीड़िता की बात कथित मुंबई क्राइम ब्रांच से कराई गई, जहां चार फर्जी पुलिसकर्मियों ने ऑनलाइन पूछताछ की। उन्होंने महिला का आधार कार्ड देखा और बताया कि उनका नाम नरेश गोयल के मनी लॉन्ड्रिंग केस में जुड़ गया है। साथ ही यह भी कहा गया कि उन्होंने केनरा बैंक में फर्जी खाता खोलकर दो करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। गिरफ्तारी का डर दिखाकर उन्हें किसी को न बताने की सख्त हिदायत दी गई और यह भरोसा दिलाया गया कि सहयोग करने पर उन्हें जल्द छुटकारा मिल जाएगा।
तीन दिन तक लगातार पूछताछ कर उनकी निजी जानकारी और बैंक विवरण हासिल किए गए। ठगों ने पीड़िता से सभी फिक्स्ड डिपॉजिट तुड़वाकर रकम बचत खाते में जमा कराई और 14 अगस्त को जांच के नाम पर 40 लाख रुपये मुंबई स्थित यस बैंक की साकी नाका शाखा में स्थित एक खाते में ट्रांसफर कराए। यह खाता जालोर फिनटेक टेक्नोलॉजी नामक फर्म के नाम पर है।
जब तीन दिन बाद भी रकम वापस नहीं मिली, तो पीड़िता को ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई और NCRP पोर्टल पर भी रिपोर्ट की। थाना प्रभारी रंजीत सिंह ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और संबंधित बैंक को खाते फ्रीज करने की रिपोर्ट भेजी गई है। पुलिस अब बैंक खाते की जानकारी जुटा रही है और मामले की जांच जारी है।