मेरठ। आतंकियों से कनेक्शन होने का झांसा देकर साइबर ठगों ने एक युवक को डिजीटल हाउस अरेस्ट कर 38 लाख की ठगी कर ली। ठगी का पता चलने पर पीड़ित ने पुलिस को मामले की जानकारी दी।
फलावदा निवासी मदनपाल ने बताया, 11 फरवरी 26 को उसके पास महाराष्ट्र पुलिस हैडक्वाटर से सब इंस्पेक्टर देवेन्द्र कुमार के नाम से मोबाइल पर काल आई थी। उसने बताया था कि आसिफ फौजी व अन्य आतंकियों के यहां छापेमारी के दौरान तुम्हारा नाम का एटीएम कार्ड व आधार कार्ड मिला है। इससे यह लगता है कि पुलवामा कांड में तुम शामिल हो।
इस लिए आपको गिरफ्तार कर रहे हैं, आप वीडियो काल पर रहे, अन्यथा स्थानीय पुलिस को घर भेजकर गिरफ्तार करा लिया जाएगा। इसके बाद साइबर ठग ने उसके वाट्सएप पर आतंकवादियों के फोटो भेजे थे। साइबर ठगों ने 60 लाख रुपये देकर बचने का रास्ता बताया था। साइबर ठगों के कहने पर उसने 13 फरवरी का 33 लाख व 18 फरवरी को पांच 5 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। रुपये मिलने के बाद उसे बरी होना बताया गया था ओर एक माह में रुपया वापस खाते में आने की बात कही थी।
यह घटना पीड़ित ने स्वजन व दोस्तों को बताई तो उसे साइबर ठगी का पता चला। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।