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Noida News: नोएडा के सेक्टर-128 स्थित जेपी ग्रीन्स में रहने वाले बुजुर्ग कारोबारी अजय सिंह साइबर ठगों के शिकार हो गए। शेयर बाजार में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का सपना दिखाकर ठगों ने उनसे 1.85 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। शुरुआत एक व्हाट्सएप ग्रुप से हुई, जिसमें अजय सिंह को 7 जून को जोड़ा गया। 15 जून को ग्रुप की एडमिन अनिकिता डेका नामक महिला ने खुद को बजाज फाइनेंशियल कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए निवेश का प्रस्ताव दिया। सेबी और नामी कंपनियों से जुड़े दस्तावेज दिखाकर भरोसा दिलाया गया।
10 हजार रुपये से निवेश शुरू कराया
ठगों ने एक एप पर पंजीकरण कराकर शुरुआत में 10 हजार रुपये से निवेश शुरू कराया। एप पर हर दिन मनचाहा मुनाफा दिखाया गया, जिससे अजय सिंह का विश्वास बढ़ता गया। निवेश की रकम धीरे-धीरे बढ़ती गई और IPO की लॉट्स खरीदने के नाम पर बड़ी रकम ट्रांसफर कराई गई। जब अजय ने निवेश रोकने की बात कही, तो ठगों ने खुद ही 10 लाख रुपये का ब्याजमुक्त लोन देकर उन्हें फिर से निवेश के लिए प्रेरित किया।
59 करोड़ रुपये का दिखाया गया पोर्टफोलियो
19 जुलाई तक अजय सिंह ने कुल 1.85 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। एप पर उनका पोर्टफोलियो 59 करोड़ रुपये का दिखाया गया। जब उन्होंने मुनाफे समेत रकम निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने कैपिटल गेन टैक्स और सर्विस चार्ज के नाम पर 13.5 करोड़ रुपये की मांग कर दी। अजय सिंह ने जब रकम देने से इनकार किया, तो उन्हें ग्रुप से निकाल दिया गया और संपर्क पूरी तरह बंद कर दिया गया।
साइबर क्राइम थाने में दर्ज कराई शिकायत
ठगों ने रकम को एचडीएफसी, आईडीएफसी, यश बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इंडसलैंड बैंक, आईडीबीआई, करूर वैश्य बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे बैंकों के खातों में ट्रांसफर कराया। ये खाते वेफमोर ई-कॉमर्स, अबडुस स्टोर, सुभी गारमेंट, ग्लोबल टेक्नोलॉजी, नॉर्थ ईस्ट इंटरप्राइजेज, जीत इंटरप्राइजेज और हरिहरन ट्रेडर जैसी फर्जी कंपनियों के नाम पर थे। ठगों ने इन खातों को थर्ड पार्टी खाता बताते हुए आरबीआई और सेबी से स्वीकृत बताया था। जब अजय सिंह ने सेबी और बजाज कंपनी को मेल कर जानकारी मांगी, तो उन्हें पता चला कि यह सब फर्जी था। उन्होंने तुरंत साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। थाना प्रभारी भूपेंद्र कुमार ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच साइबर क्राइम थाने को सौंप दी गई है। फिलहाल पुलिस ने 2.5 लाख रुपये की रकम फ्रीज कराई है और आगे की कार्रवाई जारी है।