Cyclone Arnab Rain Alert : बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवात अर्नब अब कई राज्यों के मौसम का मिजाज बदल सकता है। एक तरफ आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में तेज हवाओं और भारी बारिश का खतरा है, तो दूसरी तरफ उत्तर भारत तक इसके असर की आशंका जताई जा रही है। मौसम से जुड़ी इस खबर में सबसे ज्यादा ध्यान इस बात पर है कि समुद्र से उठा तूफान आखिर कितनी दूर तक बारिश करा सकता है। इसके बचे हुए हिस्से उत्तर प्रदेश और नेपाल की तरफ बढ़ सकते हैं। ऐसे में आने वाले कुछ दिन कई इलाकों के लिए अहम रहने वाले हैं।
आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है तूफान
चक्रवात अर्नब के 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट पर पहुंचने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, यह बापटला और विशाखापत्तनम के बीच यानम के पास तट पार कर सकता है। इस दौरान हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है, जबकि तेज झोंके 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं। ऐसे में तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है।
कई राज्यों में तेज बारिश का अलर्ट
तूफान का असर सिर्फ आंध्र प्रदेश तक सीमित रहने की आशंका नहीं है। 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं विदर्भ, झारखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में भी बारिश की संभावना जताई गई है। तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भरने और रोजमर्रा के काम प्रभावित होने का खतरा रह सकता है।
यूपी और बिहार तक पहुंच सकता है असर
इस खबर का सबसे अहम हिस्सा उत्तर भारत से जुड़ा है। अनुमान है कि तट पार करने के बाद चक्रवात के बचे हुए हिस्से उत्तर प्रदेश और नेपाल की तरफ बढ़ सकते हैं। इस दौरान पश्चिमी विक्षोभ से इनकी टक्कर होने पर बारिश तेज हो सकती है। 29 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। बिहार और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भी तेज बारिश हो सकती है। हालांकि, बारिश का असली असर तूफान के आगे बढ़ने और मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगा।
दिल्ली-एनसीआर में भी बदल सकता है मौसम
चक्रवात के बचे हुए हिस्सों का असर दिल्ली-एनसीआर तक पहुंचने की संभावना भी जताई गई है। यहां बारिश हो सकती है, लेकिन हर इलाके में एक जैसी बारिश होगी, ऐसा कहना अभी सही नहीं होगा। मौसम में बदलाव के साथ लोगों को ताजा मौसम अपडेट पर नजर रखनी चाहिए। खासकर सफर पर निकलने वाले लोगों के लिए बारिश और सड़क पर पानी भरने की जानकारी काम आ सकती है।
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किसानों और आम लोगों को क्यों रहना चाहिए सावधान
तेज बारिश का असर खेती और रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ सकता है। खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है, जबकि पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में तेज हवाओं और समुद्र की खराब स्थिति को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। आम लोगों को भी मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए और बिना जरूरत जोखिम वाले इलाकों में जाने से बचना चाहिए।