Cyclone Ditwah: दक्षिण भारत के तटीय इलाकों में मौसम का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। चक्रवात दित्वाह (Cyclone Ditwah) श्रीलंका में भारी तबाही मचाने के बाद अब भारत की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से तमिलनाडु, पुद्दुचेरी और दक्षिणी आंध्र प्रदेश में तेज हवाओं, भारी बारिश और समुद्री उफान का अंदेशा जताया गया है। एहतियातन प्रशासन ने हाई-अलर्ट जारी कर दिया है और तटीय जिलों में सुरक्षा उपाय तेज कर दिए गए हैं।
उड़ानें और ट्रेनें रद्द, परिवहन व्यवस्था पर बड़ा असर
चक्रवात के खतरनाक रुख को देखते हुए हवाई और रेल सेवाओं पर बड़ा असर पड़ा है। तमिलनाडु और आसपास के क्षेत्रों में खराब मौसम के चलते कई उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, वहीं कुछ ट्रेनों का संचालन भी रोक दिया गया है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने पहले से सूचना जारी करते हुए लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। तेज हवाओं और कम दृश्यता के कारण उड़ानों के समय में देरी तथा आखिरी समय पर कैंसिलेशन की स्थिति भी बनी हुई है।
NDRF-SDRF तैनात, तटीय क्षेत्रों में बढ़ी सतर्कता
राज्य सरकारों ने चक्रवात की स्थिति को देखते हुए बचाव दलों को पूरी तरह तैयार रहने को कहा है। NDRF और SDRF की टीमें तटीय जिलों में तैनात हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत कार्य शुरू करने के निर्देश हैं। समुद्र में ऊंची लहरें उठने की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने का सख्त निर्देश दिया गया है। स्कूल-कॉलेजों में भी छुट्टियाँ घोषित की जा रही हैं ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
तमिलनाडु के तटीय जिलों में सबसे अधिक खतरा
मौसम विभाग के अनुसार चक्रवात दित्वाह की दिशा तमिलनाडु के तटों की ओर है, जहाँ इसकी गति और भी तेज हो सकती है। विशेष रूप से नागपट्टिनम, कुड्डालोर, चेन्नई, तिरुवल्लूर और पुद्दुचेरी के इलाके अत्यधिक प्रभावित हो सकते हैं। इन क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ पेड़ों के गिरने, बाढ़, जलभराव और बिजली कटौती की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और आधिकारिक चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।
श्रीलंका में मचाई भारी तबाही, भारत के लिए चेतावनी
भारत पहुँचने से पहले यह चक्रवात श्रीलंका में काफी नुकसान कर चुका है। वहां बारिश, तूफानी हवाओं और बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। कई घर क्षतिग्रस्त हुए, सड़कें डूब गईं और सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ा। श्रीलंका में आए इस संकट ने साफ संकेत दे दिया है कि दित्वाह कितना ताकतवर है और भारत के लिए कितना बड़ा खतरा बन सकता है।