चक्रवाती तूफान मोन्था तेजी से आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि यह तूफान सोमवार शाम या रात को 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से समुद्री तट से टकरा सकता है। ओडिशा, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने तटीय इलाकों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को तैनात कर दिया है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है।
समुद्र में उठीं ऊंची लहरें, तटों पर रोक
ओडिशा के तटीय जिलों में चक्रवात मोन्था का असर दिखने लगा है। गोपालपुर बंदरगाह और गंजम जिले के समुद्र तटों पर ऊंची लहरें उठ रही हैं। जिला प्रशासन ने लोगों के समुद्र किनारे जाने पर सख्त रोक लगा दी है। तटीय गांवों को खाली कराया जा रहा है ताकि किसी तरह की जनहानि न हो।
आंध्र प्रदेश में अलर्ट, गांव खाली कराए जा रहे
आंध्र प्रदेश के कोठापट्टनम और उप्पदा क्षेत्र में चक्रवात के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने गांवों को खाली कराने का आदेश दिया है। एनडीआरएफ की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। तेज हवाओं और बारिश से काकीनाडा और उप्पदा के बीच करीब 8 किलोमीटर सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है। एहतियातन इस मार्ग को बंद कर दिया गया है।
तमिलनाडु और चेन्नई में बारिश का दौर
चक्रवात का असर तमिलनाडु में भी दिखने लगा है। चेन्नई और आसपास के जिलों में सुबह से ही गरज के साथ बारिश हो रही है। कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटे तक तेज हवाओं के साथ भारी बारिश जारी रह सकती है।
सरकार ने संभाली मोर्चा, की जा रही निगरानी
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने राज्य के तटीय जिलों के अधिकारियों से हालात की जानकारी ली है। तटीय इलाकों में आपदा प्रबंधन टीमें सक्रिय हैं। राज्य और केंद्र सरकार की टीमें लगातार संपर्क में हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, चक्रवात का प्रभाव मंगलवार तक चरम पर रहेगा।