DA Hike History 2016-2026 : केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों की नजर अब महंगाई भत्ते यानी DA की अगली किस्त पर है। बढ़ती महंगाई के बीच यह भत्ता कर्मचारियों की सैलरी का अहम हिस्सा है। सरकार आमतौर पर साल में दो बार जनवरी और जुलाई से महंगाई भत्ते की दर में बदलाव करती है। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2026 से DA की दर 60 प्रतिशत बताई गई है। अब जुलाई 2026 से लागू होने वाली अगली किस्त का इंतजार है। मीडिया रिपोर्ट्स और महंगाई के आंकड़ों पर आधारित अनुमानों में इस बार 3 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। अगर सरकार इसे मंजूरी देती है, तो DA बढ़कर 63 प्रतिशत हो सकता है। हालांकि, यह बढ़ोतरी अभी अनुमान है, अंतिम फैसला सरकार की घोषणा के बाद ही साफ होगा।
क्या होता है महंगाई भत्ता यानी DA?
महंगाई भत्ता केंद्र सरकार के कर्मचारियों को उनकी बेसिक सैलरी के अलावा दिया जाता है। इसका मकसद महंगाई बढ़ने से कर्मचारियों की खरीदने की क्षमता पर पड़ने वाले असर को कुछ हद तक कम करना है। उदाहरण के लिए, अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 30,000 रुपये है और DA की दर 60 प्रतिशत है, तो उसे हर महीने 18,000 रुपये महंगाई भत्ता मिलेगा। इस तरह बेसिक सैलरी और DA मिलाकर रकम 48,000 रुपये होगी। इसमें मकान किराया भत्ता यानी HRA और दूसरे भत्ते शामिल नहीं हैं। DA की रकम बेसिक सैलरी के हिसाब से तय होती है, इसलिए अलग-अलग कर्मचारियों को मिलने वाला भत्ता भी अलग हो सकता है।
साल में दो बार बदलती है DA की दर
केंद्र सरकार आमतौर पर जनवरी और जुलाई से प्रभावी महंगाई भत्ते की दर में साल में दो बार बदलाव करती है। हालांकि, बढ़ोतरी का ऐलान संबंधित महीने में ही हो, यह जरूरी नहीं है। जनवरी से लागू होने वाली किस्त की घोषणा मार्च या अप्रैल में भी हो सकती है। इसी तरह जुलाई से लागू होने वाली किस्त का फैसला बाद में सामने आ सकता है। DA की दर तय करने में महंगाई से जुड़े आंकड़ों और तय फॉर्मूले का इस्तेमाल किया जाता है। इसी वजह से हर बार बढ़ोतरी एक जैसी नहीं होती। कर्मचारियों को मिलने वाली वास्तविक राहत उनकी बेसिक सैलरी और मंजूर DA दर पर निर्भर करती है।
2016 से 2026 तक DA का पूरा हिसाब
सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से लागू हुई थीं। नई वेतन व्यवस्था में उस समय DA की दर शून्य से शुरू हुई। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई 2016 में यह 2 प्रतिशत और जनवरी 2017 में 4 प्रतिशत हुआ। जुलाई 2018 तक यह 9 प्रतिशत पहुंच गया, जबकि जुलाई 2019 में दर 17 प्रतिशत हो गई। जनवरी 2020 के लिए दर 21 प्रतिशत बताई गई थी। बाद में जुलाई 2021 में DA 31 प्रतिशत और जनवरी 2022 में 34 प्रतिशत हुआ। जनवरी 2023 में यह 42 प्रतिशत, जनवरी 2024 में 50 प्रतिशत और जनवरी 2025 में 55 प्रतिशत बताया गया। जनवरी 2026 के लिए दर 60 प्रतिशत दी गई है। जुलाई 2026 की दर का ऐलान बाकी बताया गया है।
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कोरोना के दौरान क्यों रोक दी गई थी बढ़ोतरी?
कोरोना महामारी के दौरान महंगाई भत्ते की बढ़ोतरी पर रोक लगाई गई थी। जनवरी 2020, जुलाई 2020 और जनवरी 2021 की किस्तों को फ्रीज कर दिया गया था। इस दौरान कर्मचारियों को पहले से लागू दर के हिसाब से भुगतान मिलता रहा, लेकिन इन तीन किस्तों का अतिरिक्त लाभ नहीं दिया गया। बाद में जुलाई 2021 से DA की दर 28 प्रतिशत तय की गई और फिर 3 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी के बाद यह 31 प्रतिशत हो गई। इस दौर में कर्मचारियों को सामान्य बढ़ोतरी के बजाय पुरानी दर पर ही भुगतान मिला। बाद की किस्तों के साथ महंगाई भत्ते की दर धीरे-धीरे बढ़ती गई।
जुलाई 2026 में 63% DA होने की उम्मीद
अब सबसे बड़ा सवाल है कि जुलाई 2026 से DA कितना बढ़ेगा। दिए गए विवरण के अनुसार, इस बार 3 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है। अगर यह मंजूर होती है, तो दर 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो जाएगी। उदाहरण के लिए, 30,000 रुपये की बेसिक सैलरी वाले कर्मचारी का DA 18,000 रुपये से बढ़कर 18,900 रुपये हो जाएगा। यानी हर महीने 900 रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। यह गणना 3 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी के अनुमान पर आधारित है। जुलाई 2026 की किस्त को लेकर अंतिम दर और भुगतान की पुष्टि सरकार की आधिकारिक घोषणा से ही होगी।