DABRA POLICE ACTION ILLEGAL ARMS: ग्वालियर जिले के डबरा क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी वारदात से पहले छह हथियारबंद बदमाशों को गिरफ्तार किया है। गिजौर्रा थाना पुलिस ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर घेराबंदी कर एक बोलेरो को रोका। तलाशी के दौरान गाड़ी से चार अवैध हथियार और 46 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। खास बात यह रही कि आरोपियों ने जिस बोलेरो का इस्तेमाल किया, उस पर ‘मध्य प्रदेश शासन’ लिखा हुआ था। पुलिस अब हथियारों के स्रोत और आरोपियों के निशाने को लेकर पूछताछ कर रही है।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी
पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग दतिया जिले से बोलेरो में सवार होकर अवैध हथियार और कारतूस लेकर ग्वालियर जिले के खड़ौआ गांव की तरफ जा रहे हैं। सूचना मिलते ही गिजौर्रा थाना प्रभारी उपेंद्र सिंह धाकड़ ने पुलिस टीम के साथ कार्रवाई की तैयारी की। थाने के सामने नाकाबंदी और बैरिकेडिंग कर संदिग्ध बोलेरो को रोका गया। इसके बाद वाहन की तलाशी ली गई।
गाड़ी पर लिखा था ‘मध्य प्रदेश शासन’
पुलिस की कार्रवाई में जिस बात ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा, वह बोलेरो पर लिखा ‘मध्य प्रदेश शासन’ था। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने चेकिंग से बचने के लिए इस गाड़ी का इस्तेमाल किया था। पूछताछ में सामने आया कि बोलेरो संतोष बघेल नाम के व्यक्ति की है, जिसे आरोपी मांगकर लाए थे। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि वाहन का इस्तेमाल पहले भी किसी आपराधिक गतिविधि में किया गया था या नहीं।
चार हथियार और 46 कारतूस बरामद
तलाशी के दौरान पुलिस ने 12 बोर की एक बंदूक, 315 बोर की दो बंदूकें और 315 बोर का एक कट्टा बरामद किया। इसके अलावा 315 बोर के 21 जिंदा राउंड और 12 बोर के 25 जिंदा राउंड भी मिले। इस तरह पुलिस ने कुल 46 जिंदा कारतूस जब्त किए हैं। हथियार और कारतूस गाड़ी में छिपाकर रखे गए थे।
भिंड और दतिया के छह आरोपी पकड़े गए
पुलिस ने मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें सतीश बघेल जिला भिंड का रहने वाला बताया गया है, जबकि रविशंकर यादव, फकीरे कुशवाहा, अनिकेत यादव, राजेश यादव और विनोद यादव दतिया जिले के बताए गए हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
पुराने विवाद को लेकर वारदात की आशंका
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयराज कुबेर ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी खड़ौआ गांव में हुए पुराने विवाद को लेकर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना में थे। हालांकि पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उनके निशाने पर कौन था और बरामद हथियार उन्हें कहां से मिले। सभी आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।