दमोह जिले के एक छोटे से गांव बटियागढ़ में 1 जून को हुई एक शादी इन दिनों पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी हुई है। वजह है शादी में बांटे गए अनोखे गिफ्ट। यहां सोने-चांदी नहीं बल्कि सड़क सुरक्षा से जुड़ा संदेश मेहमानों को दिया गया। बिना हेलमेट के बारात में पहुंचे लोगों को हेलमेट पहनाया गया और संकल्प दिलाया गया कि वे हमेशा बाइक चलाते वक्त हेलमेट जरूर पहनेंगे। यह आयोजन सिर्फ एक वैवाहिक समारोह नहीं था, बल्कि यह समाज को एक सकारात्मक संदेश देने की पहल थी।
इस शादी ने ग्रामीण परिवेश में सामाजिक जागरूकता का एक नया उदाहरण पेश किया है। वरमाला के बाद हेलमेट वितरण ने सबका ध्यान खींचा और यह चर्चा का विषय बन गया।
बारात में मंच बना जागरूकता का केंद्र
ग्राम महूना में हुई इस शादी में वर पक्ष के बारातियों का स्वागत सिर्फ मिठाइयों और फूलों से नहीं, बल्कि हेलमेट के तोहफे से किया गया। वरमाला के बाद एक विशेष मंच बनाया गया, जहां से करीब 150 बारातियों को हेलमेट भेंट किए गए। इसके साथ ही सभी से वादा लिया गया कि वे बिना हेलमेट के कभी दोपहिया वाहन नहीं चलाएंगे।
दुल्हन के पिता ने दिलाया सुरक्षा का संकल्प
दुल्हन के पिता मूरत सिंह ठाकुर और उनके परिवार ने सभी को संकल्प दिलाया कि वे न केवल स्वयं, बल्कि अपने आसपास के लोगों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करेंगे। यह पहल लोगों को भावुक कर गई और सभी ने इसे सराहा। सामाजिक संस्था से जुड़ा है.. परिवार दूल्हा मनीष का परिवार 'लक्ष्य फाउंडेशन' नामक सामाजिक संस्था से जुड़ा हुआ है। उनके भाई रूपेंद्र सिंह ने बताया कि अब इस पहल को अभियान बनाया जाएगा। वे लोगों से अपील करेंगे कि शादी जैसे खास मौकों पर सामाजिक संदेश भी दिए जाएं, जिससे फिजूलखर्ची से बचते हुए समाज को कुछ सकारात्मक मिल सके।
दमोह में बढ़ रहे हैं सड़क हादसे
दमोह जिले में सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते आंकड़े चिंता का विषय हैं। वर्ष 2024 में अब तक 200 से अधिक सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें 90 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। अधिकांश मौतें सिर में चोट लगने के कारण हुई हैं। ऐसे में हेलमेट का उपयोग जीवन बचाने का सबसे आसान तरीका बन सकता है