मध्य प्रदेश के दमोह जिले के जंगलों में अवैध शिकार का एक खतरनाक मामला सामने आया है। यहां वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो शिकारियों को देसी बम, जंगली सुअर के मांस और एक जिंदा कछुए के साथ रंगे हाथों पकड़ा है। हैरानी की बात यह है कि आरोपी शिकार के लिए विस्फोटक सामग्री बिहार से लाने की बात स्वीकार कर चुके हैं।
हटा वन परिक्षेत्र में बड़ी कार्रवाई
दमोह वन मंडल के अंतर्गत हटा वन परिक्षेत्र की दहा बीट में वन विभाग की टीम ने यह कार्रवाई की। मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के बाद परिक्षेत्र अधिकारी के नेतृत्व में टीम ने जंगल में निगरानी बढ़ाई। इसी दौरान दो संदिग्ध व्यक्ति साइकिल से जंगल से बाहर निकलते दिखाई दिए, जिनके पास भारी सामान था।
भागने की कोशिश, लेकिन नहीं बच सके
वनरक्षक द्वारा आवाज लगाने पर दोनों आरोपी घबरा गए और भागने की कोशिश करने लगे। हालांकि सतर्कता के चलते टीम ने तुरंत उन्हें पकड़ लिया। तलाशी के दौरान जो सामने आया, उसने सभी को चौंका दिया। आरोपियों के पास से तीन बोरियों में भरा जंगली सुअर का मांस, एक जिंदा कछुआ, कुल्हाड़ी और सुअर मारने में इस्तेमाल किया जाने वाला देसी बम बरामद हुआ।
पिता–पुत्र निकले आरोपी
पकड़े गए शिकारियों की पहचान दिलकिशन पारदी और भूपेंद्र पारदी के रूप में हुई है। दोनों पिता–पुत्र हैं और जंगल से शिकार कर मांस घर ले जा रहे थे। प्रारंभिक पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि वे लंबे समय से इस तरह की गतिविधियों में शामिल रहे हैं।
बिहार से लाते थे विस्फोटक सामग्री
पूछताछ में एक और गंभीर खुलासा हुआ। आरोपियों ने बताया कि वे देसी बम और विस्फोटक सामग्री बिहार से लाते थे और जंगलों में शिकार के लिए उसका इस्तेमाल करते थे। बताया गया कि वे चूड़ियां बेचने का काम भी करते हैं और इसी आड़ में आवाजाही करते थे।
वन्य प्राणी अधिनियम और आर्म्स एक्ट में केस
वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। देसी बम मिलने के बाद पुलिस को सूचना दी गई, जिसके चलते आर्म्स एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा रही है। दोनों आरोपियों को पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
संवेदनशील इलाकों में सर्चिंग तेज
इस घटना के बाद वन विभाग ने साफ किया है कि हटा और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सर्चिंग अभियान तेज किया जाएगा। अवैध शिकार और विस्फोटक इस्तेमाल करने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी ताकि वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।