दूल्हा-दुल्हन की ग्रैंड एंट्री, स्टेज डेकोरेशन और अन्य तड़क-भड़क में इतना डूब जाते हैं कि सुरक्षा को नजरअंदाज कर देते हैं। ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले से सामने आया है, जहां एक शादी समारोह के दौरान फॉग इंट्री के लिए रखे गए लिक्विड नाइट्रोजन के कारण एक मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई। महज 7 साल की बच्ची खेलते-खेलते इस बर्तन में गिर गई और उसकी जान चली गई। घटना के बाद पूरे कार्यक्रम में मातम छा गया। यह हादसा न सिर्फ एक परिवार के लिए सदमे की तरह है, बल्कि समाज को यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या महज दिखावे के लिए हम अपनों की ज़िंदगी दांव पर लगा रहे हैं?
फॉग एंट्री बनी हादसे की वजह
राजगढ़ जिले के खुजनेर इलाके में एक शादी समारोह के दौरान दूल्हा-दुल्हन की वरमाला एंट्री के लिए लिक्विड नाइट्रोजन का उपयोग किया गया था। इसी दौरान 7 साल की बच्ची वाहिनी गुप्ता ठंडी नाइट्रोजन के बर्तन में खेलते-खेलते गिर गई, जिससे वह 80 फीसदी झुलस गई। बच्ची को तुरंत इंदौर के अस्पताल ले जाया गया लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
नेत्रदान से किया बेटी को अमर
बेटी को खोने का ग़म सहने के बावजूद परिजनों ने मानवता की मिसाल पेश की। उन्होंने वाहिनी के नेत्रदान का फैसला लिया ताकि उसकी आंखों से किसी जरूरतमंद को रोशनी मिल सके।
दिखावे की होड़ में खतरा क्यों?
शादी समारोहों में धुआं, फायरवर्क्स और फॉग इफेक्ट अब आम चलन बन गए हैं। लेकिन इनका सुरक्षित इस्तेमाल नहीं किया गया तो यह जानलेवा साबित हो सकते हैं। ऐसे हादसे हमें ये सोचने पर मजबूर करते हैं कि क्या दिखावे के लिए हम अपनों की ज़िंदगी खतरे में डाल रहे हैं?
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