PAN-Aadhaar fraud: पंजाब के मोगा में सामने आया GST फ्रॉड का चौंकाने वाला मामला देश में पहचान चोरी के बढ़ते खतरे को उजागर करता है। भोजा चौक के दिहाड़ी मजदूर अजमेर सिंह के नाम पर 35 करोड़ रुपये का GST टैक्स नोटिस आया, जबकि वह दिनभर मेहनत कर मुश्किल से 500–1000 रुपये कमाते हैं। असलियत जांच में सामने आई कि ‘Cee Kay International’ नाम की कंपनी उनके आधार और PAN के आधार पर रजिस्टर की गई थी। हैरानी यह कि अजमेर ने कभी PAN बनवाया ही नहीं था। अनुमान है कि कोविड काल में पहचान सत्यापन के दौरान आधार कार्ड की कॉपियां गलत हाथों में चली गईं, जिनका इस्तेमाल PAN जारी करवाने और फर्जी कंपनी खड़ी करने में किया गया।
ऐसे होते हैं PAN–Aadhaar स्कैम
जांच एजेंसियों के अनुसार पहचान चोरी आज बड़े टैक्स और आर्थिक अपराधों का माध्यम बन चुकी है। पहला तरीका फर्जी कंपनी रजिस्ट्रेशन है, जहां चोरी हुए दस्तावेजों या नकली वेबसाइटों के जरिए आधार–PAN हासिल कर शेल कंपनी बनाई जाती है और करोड़ों का फर्जी व्यापार दिखाकर GST घोटाला किया जाता है। दूसरा तरीका लोन फ्रॉड है, जिसमें आपके PAN पर ऐप्स या बैंकों से लोन ले लिया जाता है और EMI न भरने पर आपका CIBIL स्कोर खराब हो जाता है। तीसरा तरीका ओटीपी फ्रॉड है, जहां कॉल करके PAN बंद होने या आधार लिंकिंग का बहाना बनाकर ओटीपी ले लिया जाता है और उसी के जरिए फोन व डेटा पर नियंत्रण हासिल कर लिया जाता है।
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इन कदमों से बच सकते हैं धोखाधड़ी से
ऐसे फ्रॉड से बचने के लिए कुछ सरल लेकिन जरूरी एहतियात बेहद कारगर साबित हो सकते हैं। सबसे पहले Income Tax पोर्टल पर अपनी प्रोफाइल और किसी भी बिजनेस रजिस्ट्रेशन की जानकारी नियमित रूप से चेक करें। किसी अनजान व्यक्ति, दुकान या वेबसाइट पर आधार/PAN की फोटोकॉपी न दें और जहां संभव हो, Masked Aadhaar का उपयोग करें। PAN–Aadhaar लिंकिंग या बैंक अपडेट के नाम पर आने वाले किसी भी कॉल को तुरंत काट दें और ओटीपी साझा न करें। पहचान दस्तावेजों की सुरक्षा अब केवल डिजिटल सावधानी नहीं, बल्कि आर्थिक और कानूनी खतरे से बचने का अनिवार्य हिस्सा बन चुकी है।