उत्तर प्रदेश के शामली और जौनपुर से सामने आईं दो अलग-अलग लेकिन एक जैसी रूह कंपा देने वाली घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर रिश्तों में भरोसा इतना कमजोर कैसे हो गया। पारिवारिक विवाद, शक और संपत्ति की लालच ने खून के रिश्तों को ही मौत का दुश्मन बना दिया। कहीं बेटे ने मां-बाप के शवों के टुकड़े किए, तो कहीं पिता ने अपने ही परिवार को गोलियों से भून डाला।
जौनपुर: संपत्ति विवाद में बेटे ने मां-बाप को उतारा मौत के घाट
जौनपुर जिले के अहमदपुर गांव में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया। यहां बेटे ने ही अपने माता-पिता की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोप है कि जमीन और पैसों को लेकर लंबे समय से घर में तनाव चल रहा था। इसी तनाव ने एक रात खूनी मोड़ ले लिया और बेटे ने अपने ही जन्मदाताओं को मौत के घाट उतार दिया।
लोहे के बट्टे से हमला, फिर गला घोंटकर हत्या
बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान आरोपी ने पहले अपनी मां के सिर पर लोहे के बट्टे से हमला किया। जब पिता ने मदद के लिए फोन करने की कोशिश की, तो उन्हें भी नहीं छोड़ा गया। बेरहमी यहीं नहीं रुकी—हत्या के बाद आरोपी ने शवों के टुकड़े कर उन्हें ठिकाने लगाने की साजिश रची।
नदी में फेंके गए शवों के टुकड़े, ऐसे खुला राज
हत्या के बाद शवों को बोरियों में भरकर नदियों में फेंक दिया गया ताकि सबूत मिट जाएं। लेकिन परिवार की बेटी द्वारा दर्ज कराई गई गुमशुदगी की रिपोर्ट और पुलिस की जांच ने पूरे मामले की परतें खोल दीं। आखिरकार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गया और दिल दहला देने वाली सच्चाई सामने आई।
शामली: शक और पाबंदियों ने बना दिया पिता को दरिंदा
दूसरी घटना शामली जिले से सामने आई, जहां एक पिता ने शक और घरेलू कलह में अपनी पत्नी और दो मासूम बेटियों की हत्या कर दी। आरोप है कि पत्नी के मायके जाने और पैसों को लेकर विवाद ने आरोपी को इस हद तक अंधा कर दिया कि उसने अपने ही परिवार को गोली मार दी।
आंगन में दफनाई लाशें, झूठी कहानी गढ़ी
हत्या के बाद आरोपी ने शवों को घर के आंगन में दफना दिया और आसपास के लोगों को गुमराह करने की कोशिश की। जांच में सामने आया कि यह सब पहले से रची गई साजिश थी। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने जो कबूलनामा किया, उसने हर किसी को हिला कर रख दिया।
सवालों के घेरे में समाज और रिश्ते
इन दोनों घटनाओं ने समाज के सामने एक कड़वा सच रख दिया है—जब लालच, शक और गुस्सा रिश्तों पर हावी हो जाए, तो इंसान हैवान बन जाता है। यह सिर्फ अपराध की खबर नहीं, बल्कि टूटते पारिवारिक मूल्यों की खौफनाक तस्वीर है।