Darknet Drug syndicate Busted: देश में ड्रग तस्करी के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने एक बड़े डार्कनेट नेटवर्क का खुलासा किया है। एजेंसी ने “टीम कल्कि” नाम से चल रहे पैन-इंडिया ड्रग वितरण गिरोह का भंडाफोड़ किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार यह नेटवर्क डार्कनेट प्लेटफॉर्म और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप के जरिए संचालित हो रहा था। दिल्ली में चलाए गए विशेष ऑपरेशन के दौरान इस गिरोह की गतिविधियों का पर्दाफाश हुआ।
कई प्रकार के ड्रग्स बरामद
कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने 13 घरेलू पार्सलों और विदेश से आए दो पार्सलों की जांच की। इनसे 2,338 एलएसडी ब्लॉटर्स, 160 एमडीएमए गोलियां, चरस और अन्य मादक पदार्थ बरामद किए गए। इसके अलावा बड़ी मात्रा में लिक्विड एमडीएमए भी जब्त किया गया, जो इस नेटवर्क के बड़े स्तर पर सक्रिय होने का संकेत देता है।
पहले भी दर्ज हो चुके मामले
जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क को अनुराग ठाकुर और विकास राठी नामक दो आरोपी संचालित कर रहे थे। दोनों पहले भी मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े मामलों में गिरफ्तार हो चुके हैं। बताया गया कि दोनों की मुलाकात जेल में हुई थी, जिसके बाद उन्होंने मिलकर डार्कनेट के जरिए ड्रग्स की तस्करी शुरू की।
तस्करी का तरीका
गिरोह डार्क वेब फोरम और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप के जरिए ग्राहकों से संपर्क करता था। ऑर्डर मिलने के बाद ड्रग्स की पैकेजिंग कर उन्हें कूरियर या पार्सल सेवाओं के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों में भेजा जाता था। कई मामलों में “डेड ड्रॉप” तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाता था, जिससे पहचान छिपी रहे।
जांच जारी
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह के तार विदेशों से जुड़े हुए थे। मादक पदार्थों की सप्लाई नीदरलैंड, पोलैंड और जर्मनी जैसे देशों से की जाती थी। फिलहाल जांच एजेंसियां नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और वित्तीय लेन-देन की जानकारी जुटाने में लगी हैं, ताकि पूरे तंत्र को खत्म किया जा सके।