मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा उपचुनाव में राजनीतिक मुकाबला अब और दिलचस्प होता नजर आ रहा है। कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह ने सोमवार को नामांकन दाखिल किया। इस दौरान समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव ने सार्वजनिक रूप से कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान किया। कांग्रेस और सपा के एक साथ आने से चुनावी समीकरणों में बदलाव की चर्चा तेज हो गई है, जिससे मुकाबला पहले से अधिक रोचक माना जा रहा है।
नामांकन के दिन दिखा विपक्षी एकजुटता का संदेश
दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन के अंतिम दिन कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह ने जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। उनके साथ कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। नामांकन प्रक्रिया के दौरान समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव भी अपने समर्थकों के साथ पहुंचे। उनकी मौजूदगी ने विपक्षी दलों के बीच तालमेल का स्पष्ट संकेत दिया और चुनावी माहौल को नई दिशा दे दी।
धार्मिक आस्था के साथ शुरू किया चुनावी अभियान
नामांकन से पहले कांग्रेस प्रत्याशी ने मां पीतांबरा के दरबार में पहुंचकर पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने प्राचीन बनखंडेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक कर प्रदेश और क्षेत्र की सुख-समृद्धि के साथ चुनाव में सफलता की कामना की। धार्मिक स्थलों पर दर्शन के बाद वे पार्टी नेताओं और समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां निर्धारित प्रक्रिया के तहत नामांकन दाखिल किया गया।
सपा ने कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन का किया ऐलान
समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव ने नामांकन के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन की घोषणा करते हुए कहा कि उनकी पार्टी इस चुनाव में कांग्रेस के साथ खड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी कार्यकर्ता भी कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में चुनाव प्रचार करेंगे। इस घोषणा के बाद दतिया उपचुनाव में विपक्ष की रणनीति को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है असर
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के साथ आने से चुनावी मुकाबला अधिक प्रतिस्पर्धी हो सकता है। क्षेत्र में विभिन्न सामाजिक वर्गों के मतदाताओं के बीच इस गठजोड़ का प्रभाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में सत्ताधारी भाजपा के सामने मुकाबला पहले की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण होने की संभावना जताई जा रही है।
अब प्रचार अभियान पर रहेगी नजर
नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सभी दलों का फोकस चुनाव प्रचार पर रहेगा। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी संयुक्त रणनीति के साथ मतदाताओं तक पहुंचने की तैयारी में हैं, जबकि भाजपा भी अपनी चुनावी रणनीति को और धार देने में जुटी है। आने वाले दिनों में जनसभाएं, संपर्क अभियान और राजनीतिक बयानबाजी दतिया उपचुनाव की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।