मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव-2026 को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला निर्वाचन प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। आदर्श आचार संहिता के पालन को सुनिश्चित करने के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड, स्टेटिक सर्विलांस टीम और वीडियो सर्विलांस टीमों का पुनर्गठन किया गया है। सभी टीमों को तीन-तीन शिफ्टों में तैनात किया गया है, ताकि पूरे विधानसभा क्षेत्र में चौबीसों घंटे नजर रखी जा सके।
24 घंटे सक्रिय रहेंगी निगरानी टीमें
दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर निर्वाचन प्रशासन ने चुनावी गतिविधियों की निगरानी के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। फ्लाइंग स्क्वॉड (एफएस), स्टेटिक सर्विलांस टीम (एसएसटी) और वीडियो सर्विलांस टीम (वीएसटी) का पुनर्गठन करते हुए संशोधित आदेश जारी किए गए हैं। इन टीमों की ड्यूटी तीन अलग-अलग शिफ्टों में लगाई गई है, जिससे पूरे निर्वाचन क्षेत्र में लगातार निगरानी बनी रहे और किसी भी तरह की अनियमितता पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
आचार संहिता के उल्लंघन पर होगी तत्काल कार्रवाई
अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी भूपेंद्र सिंह कुशवाहा के अनुसार, निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत गठित टीमें नियमित रूप से क्षेत्र का भ्रमण करेंगी। यदि कहीं आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन, अवैध नकदी का परिवहन, शराब का वितरण, उपहार सामग्री या मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास सामने आता है तो संबंधित टीम तत्काल कार्रवाई करेगी। प्रशासन का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष बनाए रखना है।
एसएसटी और वीडियो टीमों को सौंपी गई अहम जिम्मेदारी
स्टेटिक सर्विलांस टीमों को प्रमुख चेक पोस्ट और संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है। ये टीमें वाहनों की जांच के साथ नकदी, शराब और अन्य संदिग्ध सामग्री पर लगातार नजर रखेंगी। वहीं, वीडियो सर्विलांस टीमों को चुनाव प्रचार, जनसभाओं, रैलियों और अन्य चुनावी गतिविधियों की रिकॉर्डिंग की जिम्मेदारी दी गई है। इन रिकॉर्डिंग का उपयोग निर्वाचन व्यय के सत्यापन और आवश्यकता पड़ने पर साक्ष्य के रूप में किया जाएगा।
17 जुलाई को होगा ईवीएम और वीवीपैट का दूसरा रैंडमाइजेशन
मतदान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए 17 जुलाई को ईवीएम और वीवीपैट मशीनों का द्वितीय रैंडमाइजेशन किया जाएगा। यह प्रक्रिया पूरी तरह कम्प्यूटरीकृत होगी, जिसके माध्यम से मतदान केंद्रों के लिए मशीनों का आवंटन किया जाएगा। इसके लिए रिटर्निंग अधिकारी और जिला सूचना विज्ञान अधिकारी को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि निर्वाचन आयोग की सभी व्यवस्थाओं का समयबद्ध और प्रभावी तरीके से पालन सुनिश्चित किया जा सके।
पारदर्शी चुनाव कराने पर प्रशासन का पूरा फोकस
निर्वाचन प्रशासन का कहना है कि उपचुनाव के दौरान प्रत्येक गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। चुनावी खर्च से लेकर प्रचार-प्रसार और संवेदनशील क्षेत्रों तक सभी पहलुओं की नियमित मॉनिटरिंग होगी। प्रशासन का प्रयास है कि मतदाता बिना किसी दबाव, प्रलोभन या बाधा के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें और पूरी चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनी रहे।