मध्य प्रदेश की हाई-प्रोफाइल दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए चुनाव प्रचार सोमवार शाम 5 बजे थम गया। अब 30 जुलाई को मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जबकि 3 अगस्त को नतीजे घोषित होंगे। प्रचार के अंतिम दिन भाजपा और कांग्रेस ने पूरी ताकत झोंकते हुए जीत के दावे किए। दोनों दलों के वरिष्ठ नेताओं ने जनसभाओं, रोड शो और जनसंपर्क के जरिए मतदाताओं को साधने का प्रयास किया।
चुनावी प्रचार पर लगा विराम
दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए निर्धारित समय के अनुसार सोमवार शाम 5 बजे चुनाव प्रचार समाप्त हो गया। इसके बाद बाहरी नेताओं को विधानसभा क्षेत्र छोड़ना होगा। अब सभी राजनीतिक दल मतदान के दिन बूथ प्रबंधन और मतदाताओं से संपर्क की रणनीति पर ध्यान देंगे।
दिग्गज नेताओं ने झोंकी पूरी ताकत
प्रचार के अंतिम चरण में भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने बड़े नेताओं को मैदान में उतारा। भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा और अन्य नेताओं ने चुनाव प्रचार किया। वहीं कांग्रेस की ओर से जीतू पटवारी, उमंग सिंघार, दिग्विजय सिंह, जयवर्धन सिंह, प्रियव्रत सिंह और सचिन यादव ने लगातार जनसभाएं और जनसंपर्क अभियान चलाया।
त्रिकोणीय मुकाबले ने बढ़ाई दिलचस्पी
दतिया सीट पर भाजपा के आशुतोष तिवारी और कांग्रेस के घनश्याम सिंह के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है। हालांकि बसपा और निर्दलीय प्रत्याशी दामोदर यादव की मौजूदगी से चुनाव त्रिकोणीय हो गया है, जिससे मुकाबला और रोचक माना जा रहा है।
BJP और कांग्रेस के दावे
भाजपा ने दावा किया कि जनता विकास और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ खड़ी है। वहीं कांग्रेस ने कहा कि मतदाता बदलाव चाहते हैं और इस बार दतिया में नया जनादेश देखने को मिलेगा। दोनों दलों ने मतदान के दिन अपने कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर सक्रिय रहने की रणनीति बनाई है।
अब मतदान और परिणाम पर नजर
चुनाव प्रचार थमने के बाद अब दतिया की जनता 30 जुलाई को मतदान करेगी। इसके बाद 3 अगस्त को मतगणना होगी और यह तय होगा कि दतिया विधानसभा सीट पर जनता किस प्रत्याशी पर भरोसा जताती है।