दतिया विधानसभा उपचुनाव में टिकट परिवर्तन के बाद भाजपा के भीतर पैदा हुए विवाद के बीच पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने पहली बार सामने आकर कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्ण व्यवहार करने की अपील की है। उन्होंने पार्टी के फैसले का सम्मान करने की बात कही और किसी भी तरह के उग्र प्रदर्शन या आत्मघाती कदम से दूर रहने का आग्रह किया। दूसरी ओर कांग्रेस ने पूरे घटनाक्रम को लेकर भाजपा पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है।
नरोत्तम मिश्रा ने कार्यकर्ताओं से संयम बरतने को कहा
डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि उम्मीदवार तय करना पार्टी का अधिकार है और हर कार्यकर्ता का दायित्व है कि वह संगठन के निर्णय का सम्मान करे। उन्होंने सोशल मीडिया पर सामने आ रहे आत्मदाह की कोशिशों और उग्र विरोध के वीडियो पर चिंता जताते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में कानून हाथ में नहीं लेना चाहिए। उन्होंने समर्थकों से सड़क जाम, प्रदर्शन और किसी भी आत्मघाती कदम से बचने की अपील की।
भोपाल में बढ़ाई गई सुरक्षा, राजनीतिक हलचल तेज
दतिया में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद राजधानी भोपाल स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पार्टी नेतृत्व लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है, वहीं संगठन के भीतर भी स्थिति सामान्य करने की कोशिशें जारी हैं।
कांग्रेस ने भाजपा और नरोत्तम मिश्रा पर बोला हमला
कांग्रेस नेताओं ने इस पूरे घटनाक्रम को भाजपा की आंतरिक कलह का परिणाम बताया। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि टिकट कटने के बाद जिस तरह विरोध प्रदर्शन, तोड़फोड़ और चक्काजाम की घटनाएं सामने आईं, उससे भाजपा की अंदरूनी स्थिति उजागर हुई है। कांग्रेस का दावा है कि दतिया उपचुनाव में इसका राजनीतिक लाभ उसे मिलेगा और पार्टी मजबूत स्थिति में चुनाव लड़ेगी।
भाजपा ने फैसले का किया बचाव
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि उम्मीदवार चयन केंद्रीय नेतृत्व का निर्णय होता है और संगठन में हर फैसला सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद लिया जाता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पार्टी के निर्णय का सम्मान करने और चुनाव में पूरी एकजुटता के साथ काम करने की अपील की। भाजपा नेताओं का कहना है कि पार्टी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत निर्णय लेती है और आगामी उपचुनाव में मजबूती से चुनाव लड़ेगी।