Datia Peethambara Temple Security Tight---दतिया के प्रसिद्ध श्री पीतांबरा पीठ और श्री वनखंडेश्वर महादेव मंदिर में अब व्यवस्थाओं को लेकर सख्ती बढ़ाई जा रही है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और मंदिर की व्यवस्थाओं में पारदर्शिता के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। गर्भगृह और परिक्रमा पथ में बैठकर साधना व मंत्रोच्चार पर रोक रहेगी। वहीं दानपेटी खोलने से लेकर राशि की गिनती तक पूरी प्रक्रिया CCTV और वीडियो रिकॉर्डिंग की निगरानी में होगी।
गर्भगृह और परिक्रमा पथ पर साधना बैन
प्रशासन ने गर्भगृह, परिक्रमा पथ और प्रवेश-निकास द्वारों पर बैठकर साधना, मंत्रोच्चार या अन्य गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया है। पूजा या अभिषेक के निर्धारित समय को इससे अलग रखा गया है। श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर में प्रवेश और निकास के रास्ते भी अलग-अलग किए जाएंगे।
पांच अधिकृत लोगों की मौजूदगी में खुलेगी दानपेटी
दानपेटी खोलने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए कम से कम पांच अधिकृत लोगों की मौजूदगी अनिवार्य होगी। दानराशि की गिनती CCTV की निगरानी और वीडियो रिकॉर्डिंग के बीच कराई जाएगी। मंदिर की दानराशि के संधारण के लिए पुजारी और राजस्व अधिकारी के संयुक्त नाम से बैंक खाता खोला जाएगा।
अभिषेक की संख्या भी तय
श्री वनखंडेश्वर महादेव मंदिर में अभिषेक व्यवस्था को भी नियंत्रित किया गया है। सामान्य दिनों में रोजाना अधिकतम एक अभिषेक और सावन या विशेष पर्वों के दौरान अधिकतम तीन अभिषेक की अनुमति होगी। इससे ज्यादा अभिषेक कराने के लिए SDM की पूर्व अनुमति लेना जरूरी होगा।
अनुमति की रसीद QR कोड से मिलेगी
निर्धारित सीमा से अधिक अभिषेक की अनुमति मिलने पर उसकी रसीद QR कोड के माध्यम से जारी की जाएगी। इससे अनुमति की प्रक्रिया का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगा और व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी।
मंदिर परिसर में बनेगा CCTV कंट्रोल रूम
मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूरे परिसर में नए CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों की लगातार निगरानी के लिए अलग कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। प्रशासन, पुलिस, राजस्व विभाग, मंदिर प्रबंधन और पुजारियों की मौजूदगी में तय किए गए इन नियमों का उद्देश्य भीड़ प्रबंधन के साथ मंदिर की व्यवस्थाओं को सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है।