मध्य प्रदेश के दतिया जिले में रविवार को पितृ पक्ष के दौरान मामूलिया विसर्जन के समय बड़ा हादसा हो गया। सेवड़ा के सनकुआ घाट पर विसर्जन करने गए छह बच्चे अचानक गहरे पानी में डूब गए। स्थानीय लोगों की तत्परता से पांच बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन एक बच्चा अभी भी लापता है। मौके पर मौजूद लोग और एसडीआरएफ की टीम उसकी तलाश में जुटी हुई है। इस घटना ने प्रशासन की बड़ी लापरवाही को उजागर कर दिया है।
प्रशासन की बड़ी चूक उजागर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पितृ पक्ष के दौरान यहां बड़ी संख्या में लोग नदी पर आते हैं, इसके बावजूद मौके पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतज़ाम नहीं थे। न तो नगर पालिका के कर्मचारी मौजूद थे और न ही पुलिस की टीम। सुरक्षा के लिहाज से घाट को सीमित करने के लिए कोई रस्सी तक नहीं बांधी गई थी। इस लापरवाही के चलते बच्चे गहरे पानी में चले गए और हादसा हो गया।
मौके पर नहीं था गोताखोर
घटना के समय घाट पर कोई प्रशिक्षित गोताखोर मौजूद नहीं था। एसडीआरएफ की स्टीमर भी खड़ी थी, लेकिन उसमें डीजल न होने के कारण उसे तुरंत इस्तेमाल नहीं किया जा सका। डीजल की व्यवस्था करने में चार घंटे का समय लग गया, जिससे रेस्क्यू अभियान में देरी हुई।
रेस्क्यू अभियान जारी
एसडीआरएफ की टीम अब लगातार गुमशुदा बच्चे की तलाश कर रही है। स्थानीय ग्रामीण भी बचाव कार्य में मदद कर रहे हैं। प्रशासन ने अब अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है और घाट पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग शुरू की गई है।