केंद्र सरकार की नई `नव्या योजना` का उद्देश्य 16–18 वर्ष की किशोरियों को नए युग के तकनीकी कौशल में प्रशिक्षित करके उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है. यह पहल उन लड़कियों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई है जिन्होंने कम से कम कक्षा 10 उत्तीर्ण की हो और जो ग्रामीण या अर्ध‑शहरी क्षेत्रों में रहती हों.
क्या-क्या सिखाया जाएगा?
ड्रोन फ्लाइट ऑपरेशन — ड्रोन उड़ाने और संचालन की बुनियादी तकनीक सिखाई जाएगी.
मोबाइल रिपेयरिंग— स्मार्टफोन और उपकरणों की मरम्मत करना सीखेंगी.
सोलर पैनल इंस्टॉलेशन — सौर ऊर्जा प्रणाली लगाना सीखकर स्थायी रोजगार से जोड़ा जाएगा.
इसके अलावा और भी कई गैर‑ पारंपरिक तकनीकी कार्यों में प्रशिक्षण दिए जाएंगे, जिससे लड़कियों के रोजगार अवसर बढ़ेंगे.
कहां और कब शुरू?
योजना की प्रारंभिक फेज़ में 19 राज्यों के 27 जिलों में शुरूआत की गई है. 24 जून 2025 को यूपी के सोनभद्र जिले से ऑफिशियल रूप से इसे लॉन्च किया गया. यह केंद्र सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय एवं कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से संचालित पायलट स्कीम है.
प्रशिक्षण की रूपरेखा
इसमें 7 घंटे का विशेष मॉड्यूल तैयार किया गया है, जिसमें तकनीकी (ड्रोन, मोबाइल रिपेयर, सोलर इंस्टालेशन) और व्यावसायिक प्रशिक्षण शामिल हैं. यह मॉड्यूल किशोरियों को चुनिंदा कौशल में दक्ष बनने की सुविधा देता है.
योजना के प्रमुख उद्देश्य
किशोरियों को नए और तकनीकी पेशों से जोड़ना जिससे पारंपरिक सीमाएँ टूटें.
उन्हें आत्मनिर्भर रोजगार मुहैया करवाना.
उन्हें सामाजिक नेतृत्व में सशक्त भूमिका निभाने के योग्य बनाना.
आवेदन प्रक्रिया
इसकी आधिकारिक घोषणा अभी तक नहीं हुई है, लेकिन जल्द ही महिला एवं बाल विकास मंत्रालय या कौशल विकास मंत्रालय की वेबसाइट पर आवेदन प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है.
अपेक्षा है कि ऑनलाइन आवेदन पोर्टल और प्रशिक्षण केंद्रों की जानकारी साझा की जाएगी.
नव्या योजना किशोरियों को तकनीकी प्रशिक्षण के नए अवसरों से जोड़कर उनके रोजगार और सामाजिक आत्म‑विश्वास को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है.