दिल्ली में अब गरीब परिवारों को बेटी की शादी के लिए टेंट और महंगे बैंक्वेट हॉल की चिंता कम करनी पड़ेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नगर निगम को बड़ा आर्थिक पैकेज दिया है। इसमें करीब 50 करोड़ रुपये खास तौर पर 298 सामुदायिक भवनों की मरम्मत और सुधार के लिए रखे गए हैं। इन भवनों में मोहल्लों के लोग शादी-ब्याह और सामाजिक कार्यक्रम करते हैं। जर्जर हालत की वजह से लोगों को निजी हॉल में ज्यादा खर्च करना पड़ता था, लेकिन अब इन भवनों को ठीक किया जाएगा ताकि कम खर्च में सम्मानजनक आयोजन हो सके।
सड़कों के लिए 1330 करोड़ का प्लान
सरकार ने सड़कों की हालत सुधारने के लिए 1330 करोड़ रुपये के प्रस्ताव तैयार किए हैं। लक्ष्य है कि करीब 1000 किलोमीटर सड़कों को मजबूत और धूल-मुक्त बनाया जाए। मॉनसून के बाद बढ़ने वाले प्रदूषण में सड़क की धूल बड़ी वजह मानी जाती है। सरकार चाहती है कि 30 सितंबर 2026 तक प्रमुख सड़क परियोजनाएं पूरी हो जाएं, ताकि त्योहारों और सर्दियों से पहले लोगों को राहत मिल सके।
सफाई व्यवस्था होगी हाईटेक
सफाई को आधुनिक बनाने के लिए लगभग 2300 करोड़ रुपये की 10 साल की योजना शुरू की गई है। इसके तहत 70 नई मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें सड़कों पर उतारी जाएंगी। साथ ही 1000 इलेक्ट्रिक लिटर पिकर भी लगाए जाएंगे, जो बाजारों और गलियों की सफाई तेज करेंगे। सरकार का दावा है कि इससे कचरा और धूल दोनों पर काबू पाया जा सकेगा और राजधानी की छवि बेहतर बनेगी।
स्कूलों के लिए भी अलग फंड
नगर निगम के प्राथमिक स्कूलों के लिए भी 50 करोड़ रुपये अलग से दिए गए हैं। इस पैसे से स्कूल भवनों की मरम्मत, साफ-सफाई और कक्षाओं को बेहतर बनाने का काम होगा। सरकार का कहना है कि बच्चों को अच्छा माहौल मिलेगा तो पढ़ाई में भी सुधार होगा। यानी फोकस सिर्फ सड़कों पर नहीं, शिक्षा पर भी है।
राजनीतिक हलचल तेज
इस बड़े पैकेज के बाद राजनीतिक हलचल भी बढ़ गई है। विपक्ष इसे चुनावी तैयारी बता रहा है, जबकि समर्थकों का कहना है कि यह जमीनी जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला है। खासकर सामुदायिक भवनों की मरम्मत को लेकर कॉलोनियों में उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि यही जगह आम लोगों के समारोहों का केंद्र होती है।
अब निगाह क्रियान्वयन पर
मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि सभी काम समय पर और पारदर्शी तरीके से पूरे हों। प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। अब सवाल यही है कि क्या यह करोड़ों का पैकेज जमीन पर भी उतनी ही तेजी से असर दिखाएगा। फिलहाल इतना तय है कि शादी, पढ़ाई और सफाई तीनों मोर्चों पर राजधानी को नई दिशा देने की कोशिश शुरू हो चुकी है।